नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में हुए हंगामे की निंदा करते हुए कहा कि यह राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था. उपसभापति हरिवंश को धमकी दी गई. उन्होंने कहा, “इससे मुझे बहुत दुख पहुंचा है, क्योंकि सदन में कल जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण, अस्वीकार्य और निंदनीय है.”Also Read - राज्यसभा में सरकार पर भड़कीं जया बच्चन, कहा- आपके बुरे दिन आने वाले हैं, मैं श्राप देती हूं

नायडू ने कहा, सदन में कोरोनावायरस के सरकारी दिशा-निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया, अगर हम इसका अनुपालन नहीं करते हैं तो आम आदमी से क्या उम्मीद रखेंगे. कुछ संसद सदस्य वेल तक जा पहुंचे और पेपर फेंका, माइक तोड़ दिया, रूलबुक को फेंक दिया. यहां तक कि उपसभापति को भी धमकी दी गई. क्या यही संसद का स्टैंडर्ड है? Also Read - Video Latest News: लोकसभा में पेश वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने वाला बिल, जानें Aadhaar-Voter ID Link Process

उन्होंने आगे कहा, “उपसभापति को शारीरिक रूप से धमकी दी गई और कहा गया कि अगर समय से मार्शल न आते तो उनके साथ बहुत बुरा होता. इन सब चीजों को जानकर मैं चिंतित हूं.” उपसभापति के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सभापति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह उचित प्रारूप में नहीं है. Also Read - लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल करने के लिए मौजूदा सत्र में आ सकता है बिल: Sources