किसानों से संबंधित दो विधेयकों के पास होने के दौरान राज्यसभा में हुए हंगामे के कारण विपक्षी पार्टी के आठ सासंदों को सस्पेंड कर दिया गया. निलंबन के विरोध में ये सभी सांसद संसद भवन के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए. निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में रातभर प्रदर्शन किया. सुबह-सुबह राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश चाय लेकर संसद पहुंचे. हरिवंश ने अपने हाथों से चाय निकाली, हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विपक्षी सांसदों ने चाय पीने से इनकार कर दिया.Also Read - CBSE 12th Result Declared: 70 हजार छात्रों ने हासिल किए 95 फीसदी या उससे अधिक अंक, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

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उधर, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबकि राज्यसभा में हुए हंगामे से आहत उपसभापति हरिवंश एक दिन का उपवास रखेंगे. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को लिखे खत में हरिवंश ने कहा कि वह सदन में हुए हंगामे से आहत हैं और रात भर सो भी नहीं सके. Also Read - नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र निर्माण के ‘महायज्ञ’ के बड़े तत्वों में से एक: पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि सदन में लोकतंत्र के नाम पर सदस्यों द्वारा हिंसक व्यवहार हुआ. आसन पर बैठे व्यक्ति को भयभीत करने की कोशिश हुई. उच्च सदन की हर मर्यादा और गरिमा की धज्जियां उड़ाई गईं. सदन में माननीय सदस्यों ने नियम पुस्तिका फाड़कर मेरे ऊपर फेंकी. कागज के रोल बनाकर आसन तक फेके गए.

उन्होंने आगे लिखा, मुझे लगता है कि उच्च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्यवहार हुआ उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए. शायद मेरे उपवास करने से इस तरह के आचरण करने वाले माननीय सदस्यों के भीतर आत्मशुद्धि का भाव जागृत हो.

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, हरिवंश जी ने खुद पर हमला करने वाले लोगों और धरने पर बैठे लोगों को स्वयं चाय दी जो दिखाता है कि वह कितने विनम्र हैं और उनका दिल कितना बड़ा है. हरिवंश का प्रेरणादायी और कुशल राजनीतिज्ञ जैसा आचरण प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी को गौरवान्वित करेगा.

पीएम मोदी ने खिला, ‘हर किसी ने देखा कि दो दिन पहले लोकतंत्र के मंदिर में उनको किस प्रकार अपमानित किया गया, उन पर हमला किया गया और फिर वही लोग उनके खिलाफ धरने पर भी बैठ गए,  लेकिन आपको आनंद होगा कि आज हरिवंश जी ने उन्हीं लोगों को सवेरे-सवेरे अपने घर से चाय ले जाकर पिलाई. बिहार की धरती ने सदियों पहले पूरे विश्व को लोकतंत्र की शिक्षा दी थी. आज उसी बिहार की धरती से प्रजातंत्र के प्रतिनिधि बने श्री हरिवंश जी ने जो किया, वह प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी को प्रेरित और आनंदित करने वाला है.