नई दिल्‍ली: गुजरात में राज्‍यसभा की 4 सीटों पर होने जा रहे चुनावों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासत तेज हो गई है. विधायकों की फूट के डर से पहले गुजरात कांग्रेस ने अपने 22 विधायकों को एक राजस्‍थान के सिरोही में एक रिजार्ट में ठहरा है. वहीं बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को होटल में बंद करके रखा है. राज्‍य सरकार कह रही है कि कोविड-19 को लेकर सतर्क है, लेकिन वह तो यहां 22 विधायकों को लाई है. Also Read - 'सत्ताधारियों और अपराधियों' की मिलीभगत का खामियाजा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है' : अखिलेश यादव

कांग्रेस गुजरात में राज्‍यसभा की 4 सीटों में से 2 पर जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं बीजेपी ने कांग्रेस का चुनावी गणित पूरा बिगाड़ दिया है. कांग्रेस के 8 विधायकों के इस्‍तीफे देने से कांग्रेस के प्‍लान पर पानी फिरा हुआ दिख रहा है. Also Read - Dy SP समेत 8 पुलिस जवानों की शहादत: कांग्रेस, BSP, SP ने UP सरकार पर बोला हमला

दरअसल, हाल ही में गुजरात कांग्रेस के तीन विधायकों ने इस्‍तीफा दिया था, जबकि मार्च में राज्‍यसभा के चुनाव की घोषणा होने के बाद कांग्रेस के पांच विधायक इस्‍तीफा पहले ही दे चुके थे. बता दें कि गुजरात में मार्च से लेकर अब तक कांग्रेस के कांग्रेस के आठ विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. मार्च में गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए पहली बार चुनाव की घोषणा हुई थी, हालांकि बाद में चुनाव कोरोना वायरस महामारी की वजह से स्थगित हो गए थे. Also Read - शिवराज मंत्रिमंडल का हो गया विस्तार, 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री शामिल

गुजरात में चार सीटों के लिए 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने विधायकों दल-बदल के संकट से बुरी तरह गुजर रही है. इस बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उसने दो सीटें जीतने की रणनीति बनाई है जबकि भाजपा ने बीटीपी और एनसीपी के समर्थन से तीन सीटें जीतने का विश्वास जताया है.

कांग्रेस अपने आठ विधायकों के इस्तीफे के बाद अचानक मुश्किल की स्थिति में है, दरअसल 182 सदस्यीय विधानसभा में उसके सदस्यों की संख्या अब घटकर 65 रह गई. कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी पर पैसों की राजनीति और विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था. वहीं, जवाब में भाजपा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष आई के जडेजा ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी ने विपक्ष के किसी विधायक को हीं खरीदा है. कांग्रेस अपने आठ विधायकों के इस्तीफे के बाद अचानक खुद को मुश्किल स्थिति में पा रही है, क्योंकि 182 सदस्यीय विधानसभा में उसके सदस्यों की संख्या अब घटकर 65 रह गयी है. उसके पांच विधायकों ने मार्च में और तीन ने हाल ही पार्टी छोड़ी थी.

कांग्रेस ने शक्तिसिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी को राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतारा है. गोहिल पहली वरीयता वाले उम्मीदवार हैं. अभय भारद्वाज, रमिलाबेन बारा और नरहरि अमीन भाजपा के प्रत्याशी हैं. गुजरात में तय चुनावी फार्मूला के अनुसार हर उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 35 मतों की जरूरत है. अपने 65 विधायकों के साथ और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन हासिल करने के अनुमान के बाद भी कांग्रेस को दो सीटें जीतने के लिए चार और मतों की जरूरत होगी.

वहीं, भाजपा ने कहा कि वह बीटीपी के दो विधायकों और राकांपा के जडेजा के सहयोग से राज्यसभा की तीन सीटें जीत लेगी. बीजेनी कहा कि कांग्रेस की दोनों सीटें जीतने की कोई गुजाइंश नहीं है. वह कुछ भी करे, लेकिन वह दो सीटें नहीं जीत पाएगी, क्योंकि पार्टी को यह हासिल करने के लिए 70 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि जडेजा भाजपा के पक्ष में वोट देने की पहले ही घोषणा कर चुके हैं. विधानसभा में फिलहाल 172 विधायक हैं और 10 सीटें रिक्त हैं.