नई दिल्ली। राज्य सभा के उपसभापति चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया गया है. राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने आज बताया कि उप सभापति पद के लिए चुनाव 9 अगस्त को होगा. विपक्ष ने इसे लेकर अपनी रणनीति बनाने का दौर शुरू कर दिया है. विपक्षी दल आज शाम साढ़े 5 बजे इस संबंध में चर्चा के लिए मुलाकात कर रहे हैं. Also Read - लव जिहाद पर बोलीं TMC सांसद नुसरत जहां- प्यार लोगों का निजी मामला, इसपर हुक्म नहीं चलाया जा सकता

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विपक्ष साबित करेगा एकजुटता Also Read - ममता के मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिखाए तेवर, TMC के 4 मंत्री क्या भाजपा में होंगे शामिल?

एकजुट विपक्ष उपसभापति चुनाव के बहाने अपनी एकता फिर से साबित करना चाहता है. उपसभापति पी जे कुरियन का कार्यकाल पिछले महीने ही समाप्त हो गया था. सदन में कुल 245 सांसद होते हैं लेकिन चार मनोनीत सदस्यों के रिटायर हो जाने के बाद ये संख्या 241 रह जाएगी. चुनाव जीतने के लिए किसी भी पक्ष को 122 सदस्यों के वोट की जरूरत होगी.

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विपक्ष के पास 117 सदस्य जबकि एनडीए के पास 115 वोट हैं. वोटों की संख्या को देखकर दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस ने ऐसे उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया है जो अपने दम पर दूसरे सांसदों को अपने पक्ष में कर सके. सूत्रों के मुताबिक, नेताओं ने बीजू जनता दल और टीएमसी से बातचीत शुरू कर दी है.

बीजेडी और टीएमसी पर नजर 

बीजेडी के राज्य सभा में 9 सांसद हैं जबकि टीएमसी के 13 सांसद. विपक्ष की ओर से टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का नाम सामने आ रहा है जो उपसभापति चुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं. विपक्ष की एकता की परीक्षा लेने के लिए बीजेपी भी बड़ा दांव आजमा रही है. खबर है कि उसने उपसभापति पद के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति या आंध्र प्रदेश की युवजन श्रमिक रिथु कांग्रेस पार्टी (YSRCP) को समर्थन देने की रणनीति बनाई है. बीजेपी की कोशिश है कि हाल ही में कर्नाटक में लगे झटके के बाद बीजेपी हर हाल में यह चुनाव जीतना चाहती है.

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पिछले कुछ सालों में राज्य सभा में संख्याबल बीजेपी के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुका है. बहुमत नहीं होने के कारण कई अहम मौकोें पर सरकार को निराशा का सामना करना पड़ा है. हालांकि, लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है, लेकिन राज्य सभा में कम संख्याबल सरकार की परेशानी में इजाफा करता रहा है. तीन तलाक बिल तो लोकसभा में असानी से पास हो गया, लेकिन राज्यसभा में सरकार इस पर अटक गई.