कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस दावे के लिए सोमवार को कटु आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पेश किए गए अगस्ता वेस्टलैंड सौदे के दस्तावेजों को सभापति ने ‘अनुमोदित’ किया है। हालांकि उपसभापति पी.जे. कुरियन ने स्पष्ट किया कि कोई दस्तावेज प्रमाणित नहीं किया गया है।

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “डा. स्वामी को सच बोलने की आदत नहीं है। वह कहते हैं कि उनके दस्तावेजों को राज्यसभा ने अनुमति दी है। राज्यसभा ने इसे कैसे अनुमोदित कर दिया?”

जयराम रमेश शुक्रवार के स्वामी के उस ट्वीट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा है, “मेरे दस्तावेजों को राज्यसभा ने स्वीकृति दी है। जयराम रमेश छिपते फिर रहे हैं।”

ये दस्तावेज राज्यसभा में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईवी हेलीकॉप्टर सौदे पर चर्चा के दौरान स्वामी द्वारा दिए गए भाषण से संबंधित हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में रिश्वत उस वक्त दी गई थी, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार सत्ता में थी।

इस पर कांग्रेस सदस्यों ने मांग की थी कि चर्चा में जिन दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, उन्हें सदन में पेश किया जाना चाहिए।

भाजपा नेता स्वामी ने सोमवार को जयराम रमेश की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई।

26 अप्रैल को उच्च सदन के सदस्य बने स्वामी ने कहा, “मैं उनके यह कहने पर उनके विरोध में खड़ा हुआ हूं कि मुझे झूठ बोलने की आदत है। दरअसल, रमेश को अपना हाथ गलत जगह पर डालने की आदत है।”

उपसभापति कुरियन ने कहा कि दस्तावेजों को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी स्वामी पर है और सदन के सदस्य उन दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर सकते हैं।

कुरियन ने कहा, “सभापति ने किसी दस्तावेज को प्रमाणित नहीं किया है।”