नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले देशभर की सवर्ण जातियों को अपने पाले में करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा दांव चला है. इसके तहत सवर्ण जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाना है. चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण देने पर रोक लगा रखी है, इसलिए केंद्र सरकार संविधान में संशोधन करने जा रही है. यही वजह है कि संसद का शीतकालीन सत्र जो 8 जनवरी को समाप्त होने वाला है, उसे एक दिन का विस्तार दिया जा रहा है. केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाकर नौ जनवरी तक कर दिया. ‘‘आर्थिक रूप से पिछड़े’’ वर्गों के लिए नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करने के लिए प्रस्तावित विधेयक पेश करने की खातिर राज्यसभा की कार्यवाही में एक दिन का विस्तार किया गया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. इसमें सभी सांसदों को संसद के सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है.

सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सवर्णों को 10% आरक्षण, मोदी सरकार लाएगी संविधान संशोधन बिल

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सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सरकार के अनुरोध पर सहमति जताकर उच्च सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ा दी. बीते 11 दिसंबर को शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार (आठ जनवरी) को खत्म होने वाला था. यह फैसला तब किया गया जब सरकार ने ‘‘आर्थिक रूप से पिछड़े’’ वर्गों के लिए नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले को मंजूरी दी. अब सरकार इससे जुड़ा विधेयक मंगलवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में लाने की तैयारी में है. इसी कारण संसद सत्र की अवधि बढ़ाई गई है. कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियां आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण संबंधी विधेयक का समर्थन करने की बात कह चुकी है, ऐसे में यह विधेयक निचले सदन लोकसभा में आसानी से पारित हो जाने की संभावना है और फिर अगले दिन बुधवार को यह विधेयक राज्यसभा में लाया जाएगा.

आपको बता दें कि सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी दी. सरकार इस बाबत मंगलवार को संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. मौजूदा कानून के तहत 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, नया विधेयक इससे अलग होगा. सवर्णों को आरक्षण देने को लेकर केंद्र सरकार ने कुछ श्रेणियां निर्धारित की हैं. इसके तहत 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उन लोगों को मिलने की उम्मीद है, जिनकी वार्षिक आमदनी 8 लाख रुपए से कम होगी. साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर जिन लोगों के पांच एकड़ तक जमीन होगी, उन्हें ही इस आरक्षण व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा. सूत्रों ने बताया कि फैसले को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा.

(इनपुट – एजेंसी)