नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक और निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक विचार, चर्चा एवं पारित होने के लिए रखे जा सकते हैं. मंगलवार को शुरु हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा की कार्यसूची में इन विधेयकों का उल्लेख किया गया. लेकिन शीतकालीन सत्र का पहला दिन पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार को श्रद्धांजलि के लिए समर्पित रहा. Also Read - PM मोदी ने अटल बिहार वाजपेयी को किया नमन, कहा- उन्‍होंने देश को विकास की अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचाया

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श्रद्धांजलि सभा के बाद पहले दिन की कार्रवाई स्थगित

पहले दिन की बैठक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार को श्रद्धांजलि देने के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. इसके कारण इन्हें चर्चा एवं पारित कराने के लिए नहीं रखा जा सका. अब इन्हें बुधवार को सदन पटल पर रखे जाने की उम्मीद है. इसके अलावा निचले सदन में तीन तलाक संबंधी ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश’ 2018 भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (संशोधन) अध्यादेश, 2018 और प्रख्यापित कंपनी (संशोधन) अध्यादेश, 2018 की प्रति सभा पटल पर रखे जा सकते हैं. राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम 1993 का और संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक में आरटीई अधिनियम 2009 का और संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है. (इनपुट भाषा)

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