Rakesh Tikait: केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और मोदी सरकार के बीच आज होने वाली वार्ता से पहले प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अब इस आंदोलन को खत्म कराने की जिम्मेवारी केवल सरकार पर है. हमारे सहयोगी चैनल जी न्यूज से बातचीत में टिकैत ने कहा कि हमारे पास अब कोई फॉर्मूला नहीं है. सरकार के पास फॉर्मूला है, सरकार के पास बहुत ज्ञानी लोग हैं वो लेकर आएंगे.Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

टिकैत ने कहा कि किसान नेताओं ने बता दिया है कि कानून की वापसी, एमएसपी पर कानून और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के बिना बात नहीं बनेगी. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दौरान जो किसान शाहिद हुए हैं उनके लिए मौन रखेंगे. किसान ने सरकार से कह दिया है कि हमें ये कानून नहीं चाहिए. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

अब सरकार कानून खत्म करें. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी एमएसपी से कम दाम पर उपज खरीदेगा तो उसके खिलाफ किस कानून के तहत केस दर्ज होगा. हम तो प्लान बना रहे है कि मई 2024 तक रोड मैप बना रहे हैं. खेती भी चलती रहेगी और आंदोलन भी चलता रहेगा. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

सरकार कह रही है कि कानून में संशोधन कर देंगे. सुप्रीम कोर्ट को सरकार को टाइट करना चाहिए. ये किसानों को मरकज नहीं समझे. ये सरकार के वकील ने कहा है. हम कोरोना का पूरा धयान रख रहे हैं. सफाई रख रहे हैं. सरकार को भी फॉलो करना चाहिए. बिहार चुनाव में कोरोना नियम की धज्जियां उड़ाई गईं.

झारखंड में रोड मार्च निकाल रहे हैं. आज बातचीत कर रहे हैं उसी लाइन पर सरकार काम करेगी. इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर भी गाजीपुर अपने समर्थकों के साथ पहुंची और राकेश टिकैत से बात की है.