नई दिल्ली: अयोध्या विवाद मामले पर सुनवाई 17 अक्टूबर के बजाए 16 अक्टूबर को ही समाप्त होने की संभावना है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इसके संकेत देते हुए कहा कि 70 साल पुराने विवाद पर बहस बुधवार को समाप्त हो जाएगी. सुनवाई के आखिरी दिन प्रधान न्यायाधीश ने शुरुआती 45 मिनट हिंदू पक्ष को, और इसके बाद एक घंटा मुस्लिम पक्ष को आवंटित किया है. इसके बाद 45 मिनट के चार स्लॉट मामले में शामिल विभिन्न पक्षों के लिए निर्धारित किए गए हैं.

इससे पहले उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के 39वें दिन हिंदू और मस्लिम पक्षकारों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ पूर्व महान्यायवादी और वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण की दलीलें सुन रही थी. वह 1961 में सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य द्वारा दायर मुकदमे का जवाब दे रहे थे, ताकि अयोध्या में विवादित स्थल पर दावा किया जा सके.

परासरण ने अपनी दलील में कहा कि मुगल सम्राट बाबर ने 433 साल से अधिक समय पहले भारत पर विजय के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर एक मस्जिद का निर्माण कर एक “ऐतिहासिक गलती” की थी, जिसे अब ठीक करने की जरूरत है. इस पर मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन उठे और हस्तक्षेप किया.

पीठ 39वें दिन इस मामले की सुनवाई कर रही थी. पीठ ने कहा, “कल 40वां दिन होगा और हम चाहते हैं कि यह (दलील) पूरी हो जाएं.”

(इनपुट ऐजेंसीज)