जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के बचाव में उतरे राम माधव, कहा- हर कश्मीरी अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी नहीं

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए 72 सालों ये विशेष दर्जा एक ’कैंसर’ था जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने केवल 72 घंटों में हटा दिया.

Published date india.com Updated: October 5, 2019 8:34 AM IST
जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के बचाव में उतरे राम माधव, कहा- हर कश्मीरी अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी नहीं

नई दिल्ली: भाजपा महासचिव राम माधव ने शुक्रवार को कहा कि हर कश्मीरी को ‘राष्ट्र विरोधी’ या ‘अलगाववादी’ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के लिए सम्मानजनक जीवनयापन सुनिश्चित करने के लिए धारा 370 को निरस्त किया गया.

अनुच्छेद 370 को हटाने पर हैदराबाद में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए 72 सालों ये विशेष दर्जा एक ’कैंसर’ था जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने केवल 72 घंटों में हटा दिया.

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हर कश्मीरी राष्ट्र विरोधी नहीं है, हर कश्मीरी अलगाववादी नहीं है. वह आपको और मुझे पसंद करता है. हमने धारा 370 को निरस्त कर दिया क्योंकि हम जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों को विकास के अधिकार, राजनीतिक अधिकार और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार देना चाहते थे.”

उन्होंने आगे कहा, “अब जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया है. यह देश के किसी भी अन्य राज्य की तरह है. दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए हैं. लद्दाखी बहुत खुश हैं, वे बहुत खुश इसलिए भी हैं क्योंकि यह उनकी भी काफी लंबे समय से मांग थी.” उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में, जम्मू के लोग खुश हैं क्योंकि वे अब देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह से जुड़े हुए हैं. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कश्मीर घाटी में कुछ मुद्दे हैं, जिनका ध्यान रखा जाएगा.

राम माधव ने उन आरोपों को बकवास करार दिया जिनमें कहा गया है कि क्षेत्र में हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि केवल 200 के करीब नेताओं को हिरासत लिया गया है जो एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है और ये कोई मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं है. उन्होंने दोहराया कि जिन नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है उन्हें ‘फाइव स्टार’ होटलों से भी ‘अच्छी सुविधाएं’ दी गई हैं.

कश्मीर घाटी दो महीने से अधिक समय से सिक्योरिटी लॉकडाउन में है. 5 अगस्त को, एक अभूतपूर्व कदम में, सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया, जिससे इस क्षेत्र को विशेष दर्जा मिला हुआ था. अनुच्छेद 370 रद्द होने से जम्मू और कश्मीर को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया.

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