अयोध्या: रामलला की मूर्ति को अन्य जगह स्थानांतरित (शिफ्ट) किए जाने को लेकर जगह की पहचान करने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य शनिवार को अयोध्या पहुंचे. श्रीराम की मूर्ति को नए मंदिर में स्थानांतरित किए जाने के बाद पूजा के सभी अनुष्ठान निर्बाध रूप से जारी रहेंगे. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सचिव चंपत राय और विमलेंद्र मोहन प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्यों के साथ ही डीएम अनुज झा भी रामलला की मूर्ति शिफ्ट कराने के लिए अयोध्या पहुंचे हैं. Also Read - प्रधानमंत्री की आलोचना के लिए भाजपा नेताओं ने सोरेन को लिया आड़े हाथ, बोले- सामान्य शिष्टाचार की समझ नहीं

राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास सहित अन्य सदस्य गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिले थे, जहां उन्हें भूमि पूजन के लिए अयोध्या आने का निमंत्रण दिया गया था. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए हाल ही में गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की बुधवार को पहली बैठक हुई थी. Also Read - ममता बनर्जी ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत, कहा- ऑक्सीजन की आपूर्ति करें, वरना लोगों की चली जाएगी जान

गौरतलब है कि बीते कल महंत नृत्य गोपाल दास राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया. महंत ने शुक्रवार को कहा को कि सभी राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को इस भव्य राम मंदिर के निर्माण में भाग लेने के लिए अयोध्या में आमंत्रित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मंदिर के निर्माण में किसी भी सरकार से किसी भी प्रकार का अनुदान नहीं लिया जाएगा. यह जानकारी उन्होंने ग्वालियर में अपने यात्रा के दौरान दी. Also Read - कोरोना संकट: पीएम मोदी ने कोविड-19 की स्थिति पर इन चार मुख्यमंत्रियों और दो उपराज्यपालों से की बात