नई दिल्ली: 5 अगस्त यानी आज पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और देश के कई विशिष्ट लोग अयोध्या (Ayodhya) में भूमि पूजन में भाग लेने पहुंच रहे हैं. इसके बाद मंदिर निर्माण का काम शुरू किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है. इस बीच शायद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं रहा. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कोर्ट के फैसले के बाद भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा एक आपत्तिजनक ट्वीट किया गया है. Also Read - Kisan Bill: जदयू ने कहा- हम किसानों की मांग के साथ

इस खास मौके पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए हागिया सोफिया मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी. पर्सनल लॉ बोर्ड ने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी. हागिया सोफिया इसका एक बड़ा उदाहरण है. दमनकारी, शर्मनाक, अन्यायपूरण और बहुसंख्यक तुष्टिकरण निर्णय द्वारा जमीन पर पुनर्निमाण इसे बदल नहीं सकती है. दुखी होने की जरूरत नहीं क्योंकि कोई स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती. Also Read - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मांग- पीएम केयर्स फंड को जनता केयर फंड बनाया जाए, क्योंकि...

गौरतलब है कि बीते दिनों तुर्की में 1500 साल पुराने और विश्व विरासत स्थल के रूप में मशहूर हागिया सोफिया म्यूजियम को वहां की सरकार द्वारा दोबारा मस्जिद में बदलने का आदेश जारी कर दिया गया. इस बाबत दुनिया के कई देशों ने इसके खिलाफ आपत्ति भी दर्ज कराई थी. बता दें कि साल 1434 में इस्तांबुल पर कब्जे के बाद उस्मानी सल्तनत द्वारा मस्जिद में तब्दीली हुई और उसे म्यूजियम बना दिया गया था. यह एक ऐतिहासिक इमारत है. यह कई शताब्दियों तक चर्च भी रहा. Also Read - केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख