नई दिल्ली: 5 अगस्त यानी आज पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और देश के कई विशिष्ट लोग अयोध्या (Ayodhya) में भूमि पूजन में भाग लेने पहुंच रहे हैं. इसके बाद मंदिर निर्माण का काम शुरू किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है. इस बीच शायद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं रहा. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कोर्ट के फैसले के बाद भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा एक आपत्तिजनक ट्वीट किया गया है.Also Read - बंगाल में ममता बनर्जी के सामने क्यों हारी BJP, पार्टी छोड़ TMC में गए बाबुल सुप्रियो ने बताया

इस खास मौके पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए हागिया सोफिया मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी. पर्सनल लॉ बोर्ड ने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया बाबरी मस्जिद थी और हमेशा रहेगी. हागिया सोफिया इसका एक बड़ा उदाहरण है. दमनकारी, शर्मनाक, अन्यायपूरण और बहुसंख्यक तुष्टिकरण निर्णय द्वारा जमीन पर पुनर्निमाण इसे बदल नहीं सकती है. दुखी होने की जरूरत नहीं क्योंकि कोई स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती. Also Read - Bengal BJP Crisis: भाजपा विधायक कृष्ण कल्याणी हुए बागी, बाबुल सुप्रियो आज ममता बनर्जी से करेंगे मुलाकात

गौरतलब है कि बीते दिनों तुर्की में 1500 साल पुराने और विश्व विरासत स्थल के रूप में मशहूर हागिया सोफिया म्यूजियम को वहां की सरकार द्वारा दोबारा मस्जिद में बदलने का आदेश जारी कर दिया गया. इस बाबत दुनिया के कई देशों ने इसके खिलाफ आपत्ति भी दर्ज कराई थी. बता दें कि साल 1434 में इस्तांबुल पर कब्जे के बाद उस्मानी सल्तनत द्वारा मस्जिद में तब्दीली हुई और उसे म्यूजियम बना दिया गया था. यह एक ऐतिहासिक इमारत है. यह कई शताब्दियों तक चर्च भी रहा. Also Read - West Bengal: राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा नहीं उतारेगी उम्मीदवार, सुष्मिता देव के निर्विरोध चुने जाने की संभावना