राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बड़ा एक्शन! अब AI रखेगा दान के हर रुपये पर नजर? सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट में एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की सिफारिश कर सकती है. इसका मकसद दान की गिनती, सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है.
- SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट में राम मंदिर के लिए एआई आधारित निगरानी प्रणाली की सिफारिश कर सकती है.
- नई व्यवस्था का उद्देश्य दान की गिनती और नकदी प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाना है.
- जांच के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में कई कथित खामियां और लापरवाही सामने आई हैं.
- ट्रस्ट दान जमा करने की मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है.
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने मंदिरों में दान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस पूरे विवाद के बाद तकनीक की मदद से पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी अंतिम रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की सिफारिश कर सकती है.
बताया जा रहा है कि इस हाईटेक सिस्टम का मकसद दान पेटियों से नकदी निकालने, उसकी गिनती, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया पर डिजिटल निगरानी रखना होगा. इससे हर चरण का रिकॉर्ड तैयार होगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान की जा सकेगी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए जून में एसआईटी का गठन किया था. जांच के दौरान सामने आया कि सीमित समय में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की कई घटनाएं हुईं. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और टीम को अतिरिक्त समय देकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए.
15 जुलाई तक सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक सरकार को सौंप सकती है. रिपोर्ट में केवल चोरी की घटनाओं का विवरण ही नहीं होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम सुझाव भी शामिल किए जाएंगे. इनमें एआई आधारित कैमरा निगरानी, डिजिटल ऑडिट और नकदी प्रबंधन की नई व्यवस्था प्रमुख हो सकती है.
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी दान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा कर रहा है. फिलहाल मंदिर में एकत्र होने वाली नकदी को एक बैंक शाखा में जमा कराया जाता है, लेकिन अब ट्रस्ट अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है. इसमें कई बैंकों के माध्यम से धन जमा करने जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हो सकती हैं.
जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियों की भी बात सामने आई है. नकदी गिनने वाले कर्मचारियों की जांच, निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन और निगरानी प्रक्रिया में कथित लापरवाही जैसे मुद्दे भी जांच के दायरे में हैं. इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत महसूस की जा रही है.
दूसरी ओर, जांच एजेंसियां आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं. बैंक खातों, संपत्तियों और निवेश से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर चोरी की गई रकम कहां और कैसे इस्तेमाल हुई. अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण भी बरामद किए गए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें