लखनऊ. देश के नए राष्ट्रपति के रूप में चुने गए रामनाथ कोविंद के कानपुर देहात के झींझक स्थित घर में आज घी के दिये जलाए गए, मिठाइयां बांटी गईं और अबीर और गुलाल उड़ता दिखा. झींझक स्थित इस घर में उनके भाई रहते हैं. परिवार ने शपथ ग्रहण समारोह में जाने के लिये कपड़ों की भरपूर खरीददारी कर ली है.

23 जुलाई को दिल्ली जाने के लिए शताब्दी ट्रेन के टिकट भी बुक हो गये हैं. परिजनों का कहना है कि कोविंद ने 18 जुलाई को फोन करके पूरे परिवार को दिल्ली आने के लिए कहा था. कोविंद के भाई शिव बालक राम कोविंद की बेटी हेमलता कोविंद ने अपने गांव से भाषा को टेलीफोन पर बताया ‘हमें उम्मीद थी कि चाचा जी चुनाव जीतेंगे, और आज जब चुनाव परिणाम आ गये हैं और चाचा जी देश की सबसे बड़ी कुर्सी के लिये चुन लिये गये हैं तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है.

मुझे मिलाकर हम छह बहनें हैं मंजूलता, अनीता, कमलेश, अंजली और कंचन. हम सब आज सुबह से ही ढोल की ताल पर नाच गा रहे हैं और मिठाइयां बांट रहे हैं. हमारे घर के बाहर टेंट लगा हुआ है और मिठाइयां बन रही हैं और बंट रही हैं। हम लोग आज अपने अपने घरों में घी के दिये जला रहे हैं. रात को पटाखे और फुलझड़ियां जलाने का कार्यक्रम है. हेमलता कोविंद एक स्कूल टीचर हैं और झींझक में रहती हैं.

वह कहती है कि हमें यकीन नहीं हो रहा है कि जिन चाचा जी की गोद में हम सब बहनें खेली हैं वह आज देश के राष्ट्रपति चुन लिये गये हैं. हमारे परिवार में आज होली…दीवाली एक साथ मनाई जा रही है. केवल हमारे घर परिवार में ही नहीं हमारे पूरे गांव में खुशी का माहौल है. सारे गांव वाले हमारी खुशी में शामिल हैं.

हेमलता कहती हैं कि 18 जुलाई को चाचा राम कोविंद का फोन आया था और पूरे परिवार को दिल्ली बुलाया था. इसलिये हम सब लोगों ने नये कपड़े खरीदे और ढेर सारी खरीददारी कर ली है. हम लोगों ने शताब्दी एक्सप्रेस में कानपुर से दिल्ली तक के 25 टिकट भी बुक करा लिये हैं. हमारा पूरा परिवार पहले से ही दिल्ली पहुंच जायेगा ताकि चाचा जी के शपथ ग्रहण का कोई कार्यक्रम छूटने न पाये.