नागपुर: अयोध्या विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित मध्यस्थता समिति के सदस्य रहे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने शुक्रवार को भरोसा जताया कि प्रस्तावित राम मंदिर देश में शांति लेकर आएगा और इससे समुदायों के बीच भाईचारा स्थापित होगा. बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मालिकाना हक मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में नौ नवंबर को कहा था कि अयोध्या में विवादित 2.77 एकड़ भूमि राम लला विराजमान को सौंपी जाए जो मामले के तीन वादियों में से एक थे.

यहां हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए रविशंकर ने कहा कि देश ने लंबे समय से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सपना देखा था. प्रस्तावित राम मंदिर कैसा हो इस बारे में पूछने पर रविशंकर ने कहा, “जो देश में शांति और दोनों समुदायों के बीच भाईचारा लेकर आए. भव्य राम मंदिर को लेकर देश ने लंबे समय से जो सपना देखा था उसे साकार करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है. मध्यस्थता समिति के सदस्य रहे रविशंकर से जब पूछा गया कि वह न्यायालय के फैसले को कैसे देखते हैं तो उन्होंने कहा कि काम पूरा हो चुका है. हमनें पूर्व में जो कहा था वह हुआ. फैसला भी वैसा ही है.

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राम मंदिर पर जल्द शुरू होगा काम
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर काम जल्द शुरू होगा. ‘आर्ट ऑफ लीविंग’ के संस्थापक ने कहा कि वह उस समिति का हिस्सा नहीं होंगे जिसका गठन राम मंदिर निर्माण कार्य को देखने के लिये किया जा रहा है. रविशंकर यहां “खासदार सांस्कृतिक महोत्सव”के मौके पर आए थे.