नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में साफ पानी को लेकर बवाल मचा हुआ है. इस ‘वॉटर-वॉर’ में अब केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान भी कूद पड़े हैं. सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने उस रिपोर्ट पर सवाल उठाया है, जिसमें पाया गया कि दिल्ली का पानी खराब गुणवत्ता का है. केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को ट्वीट कर उन 11 स्थानों का विवरण दिया, जहां से पानी के नमूने एकत्र किए गए थे. पासवान ने ट्वीट कर कहा, “विभिन्न माध्यमों से दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर आई बीआईएस की रिपोर्ट पर आप और उसके नेताओं ने सवाल उठाए हैं. यह बार-बार पूछा जा रहा है कि आपने ये नमूने कहां से एकत्रित किए हैं. नाम और पते के साथ यह रहा उन 11 स्थानों का विवरण जहां से पानी के नमूने लिए गए है.”

उन्होंने कहा, “दिल्ली के जिन क्षेत्रों में परीक्षण के लिए पानी के नमूने एकत्र किए गए वे इस प्रकार हैं- श्री सिद्धि विनय अपार्टमेंट, बुराड़ी, कृषि भवन, 12, जनपथ, मंडोली, पीतम पुरा, अशोक नगर, बरारी की बाबा कॉलोनी, मुकुंदपुर, सीमापुरी, करावल नगर और जनता विहार.” 12, जनपथ खुद केंद्रीय मंत्री पासवान का निवास स्थान है.

दिल्ली को लेकर ‘खराब पानी’ की गुणवत्ता की रिपोर्ट आने के बाद यह मुद्दा सोमवार को संसद में भी गूंजा था. इसे लेकर भाजपा के दो सांसदों मीनाक्षी लेखी और मनोज तिवारी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर हमला बोला था. केजरीवाल ने इस रिपोर्ट को झूठा और इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया था.

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहती, पर आप सरकार को चाहिए कि वह पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच कराए. पासवान ने सोमवार को लोकसभा को बताया था कि मोदी सरकार ने साल 2024 तक हर घर में पीने का पानी लाने का लक्ष्य रखा है, इसी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया था कि पीने योग्य पानी की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाना चाहिए.

भाजपा की सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता पासवान ने कहा था कि पेयजल गुणवत्ता पर भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दी गई रिपोर्ट 16 नवंबर को मीडिया के सामने पेश की गई थी. उन्होंने कहा कि दिल्ली इस सूची में सबसे नीचे है. राज्य के 11 में से 11 नमूने 19 मापदंडों पर विफल रहे हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)