नई दिल्ली. तीन राज्यों में बीजेपी की हार के बाद एनडीए में भी दरार की लगातार खबरें आ रही हैं. इसमें सबसे ज्यादा असर बिहार में पड़ता दिख रहा है. पहले उपेंद्र कुशवाहा ने अलग रुख अपनाया तो अब राम विलास पासवान के बेटे ने सीट शेयरिंग को लेकर बयान दे दिया. इसके बाद से बिहार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जोरों पर है. इस बीच सूचना है कि राम विलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान बीजेपी अध्यक्ष अमिता शाह से दिल्ली में मुलाकात करेंगे. इसके पहले सूचना थी कि बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव राम विलास पासवान से मिलने जाएंगे.

बता दें कि इससे पहले बिहार कांग्रेस की नेता और सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि वैसे तो आलाकमान ही तय करते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि राम विलास पासवान यूपीए में आना चाहते हैं तो हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हुए हैं. हम उनका स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा, चिराग पासवान और राम विलास पासवान ने मौसम का रुख समझ लिया है. वह डूबती हुई नाव में पैर नहीं रखना चाहते हैं. उन्हें ऐहसास हो चुका है कि जो मुद्दे ये एनडीए के साथ लेके चल रहे हैं वो गलत है.

चिराग ने किया था ट्वीट
बता दें कि लोजपा सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मंगलवार को एक के बाद एक किए अपने ट्वीट में राजग गठबंधन को सीटों के बंटवारे को लेकर चेतावनी दी थी. चिराग ने अपने ट्वीट्स के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर सम्मानजनक समझौता करने की मांग रखी. साथ ही यह चेतावनी दी कि टीडीएस और रालोसपा के जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. चिराग ने यह भी कहा कि भाजपा से अगर समय रहते सीट बंटवारे पर बात नहीं बनी तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है.

बीजेपी को दी थी चेतावनी
चिराग पासवान ने अपने ट्वीट में साफ तौर पर भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी दी है कि सीट बंटवारे को लेकर उनकी पार्टी संतुष्ट नहीं है. इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला हो जाना चाहिए. चिराग ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘टीडीपी व रालोसपा के एनडीए गठबंधन से जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है. ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे.’ बिहार के जमुई से सांसद चिराग पासवान ने सीट बंटवारे को लेकर भी अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है, ‘गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मुलाक़ात हुई, परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है. इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है.’

लालू ने कहा था मौसम विज्ञानी
बता दें कि चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान को चुनावों के समय दल बदलने और हवा का रुख भांपते हुए गठबंधन चुनने के लिए जाना जाता है. रामविलास पासवान की इस सियासत को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो उन्हें अपनी जनसभाओं में ‘मौसम विज्ञानी’ कहकर संबोधित करते थे. मंगलवार को रामविलास के सांसद बेटे चिराग पासवान के ट्वीट को देखते हुए, सियासी जानकार ऐसे ही कयास लगा रहे हैं. चिराग पासवान के बयान से यह साफ जाहिर हो गया है कि बिहार राजग में लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे के मुद्दे पर सब कुछ ठीक नहीं है. खासकर उपेंद्र कुशवाहा के राजग छोड़ने के बाद लोजपा की तरफ से आया यह बयान, आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है.