नई दिल्ली: दिल्ली समेत पूरे देश में रमज़ान (Ramzan 2020) का मुकद्दस महीना शनिवार से शुरू होगा. कोरोना वायरस को देखते हुए मुस्लिम समुदाय से घरों में ही इबादत करने की अपील की गई है. दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा, ‘मैं ऐलान करता हूं कि दिल्ली में कल पहला रोज़ा होगा.’ उन्होंने कहा “दिल्ली में चांद नहीं दिखा है, लेकिन बिहार, कोलकाता, रांची और हरियाण समेत कई स्थानों पर चांद दिखा है.“ Also Read - Coronavirus: कोरोना से दुनिया त्रस्त, भारत मे एक लाख से अधिक मामले, इन 10 देशों में स्थिति हमसे बदतर

मुफ्ती मुकर्रम ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के सदस्य कोरोना वायरस को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का पालन करें और नमाज़ और तरावीह (रमज़ान में रात में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज़) घरों में ही पढ़ें. रमज़ान मुसलमानों के लिए सबसे पाक महीना होता है. समुदाय के सदस्य पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और सूरज निकलने से लेकर डूबने तक कुछ नहीं खाते पीते हैं. साथ में महीने भर इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. Also Read - विश्व के 25 देशों में स्कूली पाठ्यक्रम पूरा करवाएगा सीबीएसई, UAE ने भी भारत से मांगी मदद

रमजान का पावन महीना शुरू होने वाला है. इस महीने का मुस्लिम धर्म में काफी महत्व होता है. यह वो महीना होता है जब हर व्यक्ति खुदा की इबादत करता है. पूरी दुनिया में रमजान का तैयारियां चल रही हैं. सभी लोग इन 30 दिनों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं. आपको बता दें इस्लाम में रमजान को सबसे पवित्र महीना माना गया है. इस पूरे महीने में सभी मुसलमान रोजे रखते हैं. रोजे के दौरान दिनभर खाना और पानी ग्रहण नहीं करना होता. माना जाता है कि रोजे रखने से आत्मा की शुद्धि होती है. Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- देश में अब तक नहीं है कोरोना वायरस के कम्युनिटी संक्रमण का कोई मामला