नई दिल्ली. जस्टिस आदर्श कुमार गोयल को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) का अध्यक्ष बनाने पर एक और केंद्रीय मंत्री ने विरोध दर्ज कराया है. शनिवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधाकिरात राज्यमंत्री रामदास अठावले ने गोयल की पोस्टिंग पर विरोध जताया. उन्होंने मांग की कि गोयल को अध्यक्ष पद से तुरंत हटाया जाए. Also Read - मोदी सरकार के मंत्री रामदास आठवले बोले- 'भारत में बंद हो चाइनीज फूड, चीन धोखेबाज है'

अठावले ने एक बयान जारी कर कहा कि गोयल की नियुक्ति के मामले को वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएंगे. उन्होंने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति गोयल की नियुक्ति से देश के दलित समाज में नाराजगी है. केन्द्र सरकार को उन्हे इस पद से तत्काल हटा देना चाहिए.’’ आरपीआई नेता ने यह भी कहा कि गोयल की नियुक्ति का कई दलित सांसद भी विरोध कर चुके हैं. Also Read - मेरा दिया हुआ नारा 'गो कोरोना गो' पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गया है: आठवले

लोजपा ने जताया था विरोध
बता दें कि इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी से सासंद और रामविलास पासवान के बेटे ने चिराग पासवान भी इसका विरोध कर चुके हैं. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भाजपा को समर्थन मुद्दों पर आधारित है. साथ ही पार्टी ने दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ कानून में सख्त प्रावधान करने तथा नौ अगस्त तक एनजीटी के अध्यक्ष ए के गोयल को पद से हटाने की मांग की. Also Read - Delhi Vidhan sabha Election Result 2020: रामदास आठवले बोले- अरविंद केजरीवाल को बधाई, अब मोदी जी के साथ मिलकर दिल्ली का काम करें

पासवान ने ये की मांग
उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कई लोगों का संयम अब कमजोर हो रहा है क्योंकि दलितों एवं आदिवासियों को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि साल 2014 में भाजपा और लोजपा के बीच गठजोड़ के मूल में इन समुदायों के हितों की रक्षा करने का विषय था. चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के मूल प्रावधानों को बहाल करने के लिये अध्यादेश लाने की मांग पिछले चार महीने से कर रही है लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया.

9 अगस्तू महत्वपूर्ण दिन
उन्होंने हालांकि भाजपा को सीधे कोई धमकी देने से बचते हुए कहा कि लोजपा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में पूरा विश्वास है क्योंकि उनकी सरकार ने दलितों के लिये काफी कुछ किया है. यह पूछे जाने पर कि अगर 9 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तब क्या उनकी पार्टी भाजपा नीत राजग से अलग होने पर विचार करेगी, लोजपा नेता ने कहा कि जब समय आयेगा तब हम कदम उठायेंगे.