पुणे. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को सुझाव दिया कि भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ती तकरार को दूर करने के लिए महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल को दोनों सहयोगी दलों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाना चाहिए. अठावले ने कहा कि वह शिवसेना और भाजपा के नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करेंगे. Also Read - GHMC Election 2020: हैदराबाद में बोले अमित शाह- जीएचएमसी चुनाव में जीत होने के बाद हैदराबाद बनेगा आईटी केंद्र, खत्म होगी निजाम संस्कृति

उन्होंने कहा, अधिक सीटें पाने वाले दल के नेता का मुख्यमंत्री बनने का फॉर्मूला तो पहले से ही चल रहा है लेकिन मैं दोनों पार्टियों के नेताओं से इस नये फॉर्मूला पर बात करने वाला हूं. केंद्र की राजग सरकार और महाराष्ट्र सरकार में सत्तारूढ़ सहयोगी दोनों दलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद चल रहे हैं. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी भविष्य में सभी चुनाव अकेले लड़ेगी. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

भाजपा ने भी लगाया आरोप
दूसरी तरफ भाजपा ने कहा कि वह शिवसेना के साथ गठबंधन चाहती है लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो वह अकेले अपने दम पर लड़ेगी. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने मुंबई की दक्षिण मध्य लोकसभा सीट पर भी अपना दावा पेश किया जहां से फिलहाल शिवसेना के राहुल शेवाले सांसद हैं. अठावले ने कहा, अगर भाजपा और शिवसेना 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन बनाते हें तो मैं शिवसेना से मुंबई दक्षिण मध्य लोकसभा को मेरे लिए छोड़ने को कहूंगा और बदले में मैं भाजपा को शिवसेना के लिए पालघर सीट छोड़ने के लिए मनाऊंगा. Also Read - हैदराबाद का यह भाग्‍यलक्ष्‍मी मंदिर नगर निगम की चुनावी जंग के बीच क्‍यों बना सुर्खियों का केंद्र

उपचुनाव में एक दूसरे के खिलाफ थे
भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में घटक दल होने के बावजूद इस साल मई में पालघर लोकसभा उपचुनाव एक दूसरे के खिलाफ लड़ा था जिसमें भाजपा के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वनागा को हराया था. अठावले ने यह भी कहा कि अगर शिवसेना और भाजपा गठबंधन नहीं करते, तो भी उनके लिए मुंबई दक्षिण मध्य सीट पर जीत पाना बहुत मुश्किल नहीं होगा.