नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मीडिया को ‘दलित’ शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द इस्तेमाल करने की सलाह पर केंद्र के सहयोगी भी बिफर गए हैं. केंद्रीय सामाजिक न्याय और आधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इस नोटिफिकेशन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएगी. Also Read - Delhi Vidhan sabha Election Result 2020: रामदास आठवले बोले- अरविंद केजरीवाल को बधाई, अब मोदी जी के साथ मिलकर दिल्ली का काम करें

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सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात करते हुए अठावले ने कहा, ”रिपब्लिकन पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी और बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी जिसमें दलित शब्द के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है क्योंकि ये भड़काउ शब्द नहीं है. इस शब्द के इस्तेमाल को बैन करना गलत है.” Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रमोशन में रिजर्वेशन दिए जाने की मांग की

अठावले ने आगे कहा, ”हम कोर्ट का सम्मान करते हैं, यहां तक कि हमारे मंत्रालय ने भी आधिकारिक कागजों पर दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है लेकिन मीडिया को दलित शब्द का इस्तेमाल करने से रोकना गलत है.”

अठावले ने आगे कहा कि दलितों को हरिजन कहे जाने पर दलित समाज में लोगों को ऐतराज है, हरिजन शब्द का इस्तेमाल महात्मा गांधी ने शुरू किया था, लेकिन समस्या होने के बाद भी इसे बैन नहीं किया गया.

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अठावले ने कहा, ”एक समय पर दलित समाज के लोगों से बहुत बुरा व्यवहार हुआ और ठीक उसी समय उन्हें हरिजन कहा गया, महात्मा गांधी की सोच ठीक थी लेकिन दलित समाज को उस शब्द से समस्या थी. दलित शब्द से ऐसी कोई दिक्कत नहीं है. इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और इस बैन को चैलेंज करेंगे.”

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी की थी जिसमें मीडिया को दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने जून माह में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को ऐसी एजवाइजरी जारी करने के लिए कहा था.