राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोरखपुर को ‘ज्ञान के शहर’ के रूप में विकसित करने की सोमवार को वकालत की और लोगों से इस दिशा में कार्य करने का आग्रह किया. एक शैक्षिक संस्थान के सप्ताह भर चले संस्थापक दिवस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में बहुत से विकास कार्य शहर में शुरू किए गए हैं और वह खुद ही इस बदलाव के साक्षी हैं. Also Read - असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ में योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत, लोग बोले- आया-आया शेर आया

उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं गोरखपुर आया हूं, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद शहर की यह मेरी पहली यात्रा है और मैं निश्चित रूप बदलाव महसूस कर सकता हूं.. जो विकास यहां हुआ है.” Also Read - UP मे लव जिहाद कानून हुआ लागू, शादी के लिए धोखाधड़ी, धर्मांतरण पर अब सख्त सजा

अपने संबोधन में कोविंद ने बताया कि किस तरह प्रेम, दया व सौहार्द्र शिक्षा के आधार हैं. उन्होंने कहा कि अच्छा चरित्र, अच्छी शिक्षा प्रणाली की पहचान है. उन्होंने विद्यार्थियों और वहां मौजूद अन्य लोगों को इस बारे में बताया कि भगवान बुद्ध और कबीर किस तरह से शिक्षक थे. Also Read - यूपी: गोरखनाथ मंदिर में पहुंचे सीएम योगी, आंवले के पेड़ के नीचे किया भोजन

गोरखनाथ पीठ की शिक्षा प्रणाली व इसके मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दो महाविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी आबादी है और युवा शक्ति का इस्तेमाल करके न सिर्फ पूर्वाचल और उत्तर प्रदेश, बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है.

इससे पहले राष्ट्रपति गोरखनाथ मंदिर गए और वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की. उनके साथ राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे. कोविंद ने महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. अवैद्यनाथ, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गुरु थे.

(इनपुट आईएनएस)