नई दिल्ली: राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद ने शनिवार को तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया. इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन की तरफ से कहा गया कि उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश का मार्गदर्शन किया और इस वर्ष सैनिकों, वैज्ञानिकों सहित करीब 7000 लोगों से मुलाकात की. Also Read - President रामनाथ कोविंद को आर्मी अस्‍पताल ने एम्‍स के लिए रेफर किया, हालत स्‍थिर

राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने ट्वीट में कहा, ‘‘भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज अपने कार्यालय में तीन वर्ष पूरे कर लिये.’’ राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति कोविंद, प्रथम महिला और उनके परिवार के सदस्यों ने सभी नागरिकों के साथ उन सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया जो अपने और परिवार पर गंभीर खतरे की परवाह नहीं करते हुए देश के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में लगे हुए हैं. राष्ट्रपति कोविंद ने ‘पीएम केयर्स’ कोष में एक महीने का वेतन दिया और और एक वर्ष के लिये अपना 30 प्रतिशत वेतन छोड़ने का निर्णय किया. राष्ट्रपति भवन ने उनके राष्ट्रपति रहने के तीसरे वर्ष में हुए विभिन्न कार्यों एवं पहल का उल्लेख भी किया. Also Read - President रामनाथ कोविंद के सीने में तकलीफ, हालत स्थिर, आर्मी हॉस्‍प‍िटल में डॉक्‍टरों की निगरानी में हैं

कार्यालय ने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति भवन ने अपने खर्चों को व्यवहारिक बनाया ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके.’’ इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति कोविंद ने उपराष्ट्रपति के साथ कोविड-19 के प्रबंधन और उसे रोकने के लिये केंद्र और राज्य स्तर पर किये जा रहे प्रयासों को गति देने के लिये सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों एवं उपराज्यपालों के साथ दो बार वीडियो कांफ्रेंस के जरिये चर्चा की . Also Read - MahaShivaratri 2021: पुलिस के बैंड ने ओम नमः शिवाय की धुन बजाकर साधुओं का स्वागत किया, Kumbh Shahi Snan LIVE Video

बयान के अनुसार, ‘‘राष्ट्रपति भवन के इतिहास में ऐसा पहला अवसर था जब कोविड-19 के कारण परिचय पत्र वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किये गए. ’’ उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों एवं उपराज्यपालों के 50वें सम्मेलन की मेजबानी की. एक इंफोग्राफिक में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी संवैधानिक प्रणाली में राज्यपालों की महतवपूर्ण भूमिका होती है. ’’ उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करले में राज्यों की मदद में अहम भूमिका निभायेंगे.’’ राष्ट्रपति भवन में और विभिन्न राज्यों की यात्रा के दौरान 6991 लोगों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की.

इसमें कहा गया है कि औसतन प्रतिदिन राष्ट्रपति से 20 लोगों ने मुलाकात की जिसमें सैनिकों से लेकर वैज्ञानिक और किसानों से लेकर अग्निशमन कर्मी शामिल है. बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के 48 विधेयकों और राज्य सरकार के 22 विधेयकों को अपनी मंजूरी दी, साथ ही 13 अध्यादेश जारी किये एवं 11 राज्यपालों, भारत के प्रधान न्यायाधीश, मुख्य सूचना अधिकारी तथा केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति की.

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के तीसरे वर्ष में 19 राज्यों एवं चार केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया. इसमें राष्ट्रपति भवन में पहुंच और सुलभ बनाने को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि 25 जुलाई 2019 के बाद से 1,22,292 लोगों ने यहां की यात्रा की. कोविंद ने चिनार कोर के शहीदों को श्रीनगर के युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी और थल सेना, नौसेना और वायु सेना दिवस में हिस्सा लिया . राष्ट्रपति ने ओडिशा के गोपालपुर में कोर ऑफ आर्मी एयर डिफेंस, महाराष्ट्र के नाशिक में आर्मी एविएशन कोर तथा केरल के इझिमला में भारतीय नौसैनिक अकादमी को ध्वज प्रदान किया.

कोविंद ने जुलाई 2019 से जुलाई 2020 के बीच अमेरिका, श्रीलंका, जाम्बिया,ब्राजील, स्वीडन, मंगोलिया, नीदरलैंड, पुर्तगाल, म्यामां के शासनाध्यक्षों की मेजबानी की. उन्होंने दुनिया के 15 नेताओं की अगुवाई की. इसके अलावा 28 देशों के राजदूतों / उच्चायुक्तों ने उन्हें परिचय पत्र पेश किया. राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों से संवाद किया .

इसमें कहा गया है कि, ‘‘जम्मू-कश्मीर से केरल तक देशभर से उल्लेखनीय कार्य करने वालों को राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिये राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया गया.’’ राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया और आधिकारिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों में कांच की बोतलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया.