नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर घाटी में एक बार फिर से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए सेना को छूट दे दी है. राजनाथ सिंह ने कहा कि रमजान के दौरान किया गया सीजफायर (युद्धविराम) आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. राजनाथ ने कहा, सुरक्षाबलों ने संयम रखा लेकिन आतंकियों ने बेगुनाहो को मारा, आतंकी हमले रोकने के लिए सेना को पहले की तरह कार्रवाई की छूट होगी. सिंह ने कहा, ”रमजान के पवित्र महीने के दौरान हमने फैसला किया था कि सेना घाटी में कोई ऑपरेशन नहीं चलाएगी, ये फैसला इसलिए किया गया था ताकि घाटी के लोग शांति से रोजे रख सकें.”

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, ”सिक्योरिटी फोर्स को कहा गया है कि वो आतंकी घटनाएं रोकने के लिए जो भी जरूरी हो करें चाहे इसके लिए पहले की तरह ऑपरेशन ही क्यों न चलाना पड़े. सरकार घाटी में आतंक मुक्त और शांतियुक्त वातावरण स्थापित करने के लिए काम करती रहेगी.”

सीजफायर का नाजायज फायदा
रमजान के दौरान सरकार द्वारा सीजफायर करने का कोई खास असर नहीं पड़ा क्योंकि ना ही आतंकियों ने और ना ही हुर्रियत ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया उल्टे आतंकियों ने इसे अपने लिए एक अच्छा मौका समझा और इस दौरान घाटी में कई हमले किए.

रमजान के दौरान ही आतंकवादियों ने राइजिंग कश्मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी की भी हत्या कर दी थी. इसके अलावा ईद पर छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे सेना के जवान औरंगजेब खान को भी आतंकियों ने अगवा कर लिया था और उसके बाद रात को उनका गोलियों से छलनी शव पुलवामा में मिला था.

ईद पर भी हुई हिंसा
आतंकियों ने ईद के दिन भी घाटी में आतंकी हमले करने में कोई संकोच नहीं किया. शनिवार को ईद के दिन कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में ग्रेनेड ब्लास्ट से एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा पूरी घाटी में 11 पुलिसवालों समेत कुल 22 लोग घायल हो गए.

रमजान में संघर्ष विराम की घोषणा 17 मई को की गई थी. घाटी में 28 जून से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है जिसपर पहले ही आतंकी खतरा मंडरा रहा है. बता दें कि कश्मीर घाटी में इस साल हुई हिंसक घटनाओं में अबतक 55 से ज्यादा आतंकवादी और 27 स्थानीय लोग मारे जा चुके हैं.