नई दिल्ली: माह-ए-रमजान खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ रोका गया ऑपरेशन एक बार फिर से शुरू हो सकता है. रमजान के पवित्र महीने के दौरान घाटी में आम लोग शांति से अपने रोजे रख सकें इसके लिए घाटी में केंद्र सरकार के आदेश पर सेना ने एक महीने के लिए आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन रोक दिया था.

शनिवार को ईद के साथ ही एक महीने का समय भी खत्म हो चुका है और अब घाटी में आतंकियों के खिलाफ एक बार फिर से सेना अपना ऑपरेशन शुरू कर सकती है. घाटी में एक महीने तक चले सीजफायर के कुछ अच्छे नतीजे सामने नहीं आए और आतंकियों ने इस मौके का फायदा उठाकर कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया.

आज हो सकता है ऐलान
सीजफायर खत्म करने के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज ऐलान कर सकते हैं. रमजान में सेना द्वारा ऑपरेशन रोकने का फैसला इसलिए लिया गया था ताकि घाटी के लोग शांति से अपने धार्मिक कार्य कर सकें लेकिन अब जब रमजान खत्म हो गया है ऐसे में सीजफायर को तोड़ा जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर चुके हैं.

बैठक में रमजान के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ स्थगित अभियान की अवधि की समीक्षा की गई थी. बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शरीक हुए थे.

सीजफायर का नाजायज फायदा
रमजान के दौरान सरकार द्वारा सीजफायर करने का कोई खास असर नहीं पड़ा क्योंकि ना ही आतंकियों ने और ना ही हुर्रियत ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया उल्टे आतंकियों ने इसे अपने लिए एक अच्छा मौका समझा और इस दौरान घाटी में कई हमले किए.

रमजान के दौरान ही आतंकवादियों ने राइजिंग कश्मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी की भी हत्या कर दी थी. इसके अलावा ईद पर छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे सेना के जवान औरंगजेब खान को भी आतंकियों ने अगवा कर लिया था और उसके बाद रात को उनका गोलियों से छलनी शव पुलवामा में मिला था.

ईद पर भी हुई हिंसा
आतंकियों ने ईद के दिन भी घाटी में आतंकी हमले करने में कोई संकोच नहीं किया. शनिवार को ईद के दिन कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में ग्रेनेड ब्लास्ट से एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा पूरी घाटी में 11 पुलिसवालों समेत कुल 22 लोग घायल हो गए.

रमजान में संघर्ष विराम की घोषणा 17 मई को की गई थी. घाटी में 28 जून से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है जिसपर पहले ही आतंकी खतरा मंडरा रहा है ऐसे में सीजफायर जल्दी खत्म हो सकता है. बता दें कि कश्मीर घाटी में इस साल हुई हिंसक घटनाओं में अबतक 55 से ज्यादा आतंकवादी और 27 स्थानीय लोग मारे जा चुके हैं.