रांची: रांची की एक स्थानीय अदालत ने अनूठा आदेश सुनाते हुए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के मामले में आरोपी 19 वर्षीय एक छात्रा की जमानत इस शर्त पर मंजूर की कि वह शहर में अलग-अलग संस्थानों को पवित्र कुरान शरीफ की पांच प्रतियां बांटे. छात्रा के वकील राम प्रवेश सिंह ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) मनीष कुमार सिंह ने छात्रा की जमानत मंजूर करते हुए ऋचा भारती को आदेश दिया कि वह पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय अंजुमन समिति को पवित्र कुरान की एक प्रति और शहर के विभिन्न पुस्तकालयों में इसकी चार प्रतियां बांटे.

उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेट ने एक पखवाड़े के भीतर इसकी पावती सौंपने का भी निर्देश दिया है. ऋचा ने कहा कि वह अदालत के आदेश का सम्मान करती है और उसे अभी आदेश की प्रति नहीं मिली हैं. उसने कहा, ‘‘मुझे अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है. मैं अदालत के आदेश का सम्मान करती हूं, लेकिन मैंने कुछ भी गलत नहीं किया. मैं अपने परिवार और वकील से परामर्श लूंगी कि क्या मैं (निचली अदालत के आदेश को) उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती हूं?’’

ऋचा के पिता प्रकाश पटेल ने कहा, ‘‘हमें शाम साढ़े पांच बजे तक आदेश की प्रति नहीं मिली है. यह मिलने के बाद हम वकील से परामर्श करेंगे और कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे. हमारा न्यायपालिका में पूरा विश्वास है.’’ अंजुमन समिति के सदस्य मोहम्मद जामिल खान ने कहा, ‘‘स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण का दायित्व संभालने वाली समिति ने पूरे दिल से फैसले को स्वीकार किया है. महिला को समिति और स्कूल एवं कॉलेज के पुस्तकालयों में कुरान की प्रतियां बांटने का आदेश दिया गया है.’’

इस बीच, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आशुतोष शेखर ने बताया कि पुलिस शर्त को समझने के लिए अदालत के आदेश का अध्ययन कर रही है. अंजुमन समिति ने फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के मामले में पिठोरिया पुलिस थाने में बी.कॉम की छात्रा ऋचा भारती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद उसे 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था.

छात्रा के वकील ने कहा, ‘‘हमने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी. हमें इस शर्त पर जमानत मिली कि उसे (ऋचा को) पिठोरिया में अंजुमन समिति को कुरान शरीफ की एक प्रति और शहर के विभिन्न पुस्तकालयों को इसकी चार प्रतियां भेंट करनी होंगी और 15 दिनों में इसकी पावती अदालत में जमा करानी होगी.’’ उन्होंने बताया कि न्यायाधीश ने मामले के जांच अधिकारी को भी आदेश दिया है कि जब ऋचा समिति को पवित्र किताब भेंट करे, तो उस समय वह भी वहां मौजूद हों. ऋचा के पिता प्रकाश और मां नीलम देवी ने कहा कि अपनी बेटी के वापस आने पर वे खुश हैं.