नई दिल्ली: कांग्रेस ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र में जिस दिन उसकी सरकार बनेगी उसी दिन इन ‘काले कानूनों’ को निरस्त कर दिया जाएगा. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है. उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के संदर्भ में ‘एक देश, एक व्यवहार’ पर अमल करना चाहिए. Also Read - Farmers Protest: कृषि कानूनों को 1.5 साल तक रोकने पर सरकार तैयार, अगली बैठक 22 जनवरी को...

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘किसानों की आवाज दबाने के लिए पानी बरसाया जा रहा है, सड़कें खोदकर रोका जा रहा है लेकिन सरकार उनको ये दिखाने और बताने के लिए तैयार नहीं है कि एमएसपी का कानूनी हक होने की बात कहां लिखी है. एक देश, एक चुनाव की चिंता करने वाले प्रधानमंत्री जी को एक देश, एक व्यवहार भी लागू करना चाहिए.’’ Also Read - Kisan Andolan: फिर नहीं बनी बात, सरकार और किसान संगठनों के बीच 10वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा खत्म, 22 को अगली बैठक

प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात के लिए पानीपत पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है. यह रोजी-रोटी और खेती के लिए लड़ाई है. कांग्रेस और सभी विपक्षी दल किसानों के साथ खड़े हैं. इसके लिए हमें जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी, वो हम देंगे.’’ Also Read - Kisan Andolan Latest Updates: आंदोलनकारी अन्नदाताओं को मनाने के लिए किसानों और सरकार के बीच 10वें दौर की वार्ता शुरू

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘किसान को न्यूनतम समर्थन दीजिए, हम आपकी तारीफ करेंगे. लेकिन किसान को लाठियां मारेंगे, आंसू गैस के गोल छोड़ेंगे, पानी की बौछार मारेंगे तो इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर किसान ने रोटी पैदा करना छोड़ दिया तो दिल्ली का दरबार ध्वस्त हो जाएगा.’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम कांग्रेस की ओर से यह ऐलान कर रहे हैं कि सोनिया जी और राहुल जी ने कहा है कि जिस दिन हमारी सरकार बनेगी उस दिन इन काले कानूनों को फाड़कर फेंक देंगे.’’