नई दिल्ली: भारत में सिख साम्राज्य के 19वीं सदी के महान शासक महाराजा रणजीत सिंह को भला कौन नहीं जानता है. महाराजा रणजीत सिंह का सम्मान सिर्फ सिख संप्रदाय के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया करती है. उनकी बहादुरी के किस्से व न्यायप्रिय शासन के किस्से देश में लगभग हर किसी को पता है. हाल ही में दुनियाभर के नेताओं की एक प्रतियोगिता कराई गई थी. इस प्रतियोगिता में महाराजा रणजीत सिंह ने दुनियाभर के नेताओं को पछाड़कर ‘सर्वकालिक महान नेता’ बन गए. Also Read - बुजुर्ग महिला की फर्राटेदार अंग्रेजी सुन उड़े होश, शशि थरूर से पूछा गया- कितने नंबर देंगे?

सर्वेक्षण में पांच हजार से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया था. इस सर्वेक्षण में 38 फीसदी से ज्यादा मत पाने वाले महाराजा रणजीत सिंह की सहिष्णु साम्राज्य बनाने के लिए प्रशंसा की गई. दूसरे स्थान पर अफ्रीकी स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी अमिलकार काबराल रहे जिन्हें 25 फीसदी वोट हासिल हुए. उन्होंने पुर्तगाल के आधिपत्य से गिनी को मुक्त कराने के लिए दस लाख से अधिक लोगों को एकजुट किया और इसके बाद कई अफ्रीकी राष्ट्र स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित हुए. Also Read - Delhi violence: आईबी के ASI अंकित शर्मा की हत्‍या का आरोप परिवार ने ताहिर हुसैन पर लगाया

युद्ध के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल सात फीसदी वोट के साथ त्वरित निर्णय और राजनीतिक सूझबूझ के लिए तीसरे स्थान पर रहे. अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन चौथे और ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ प्रथम महिलाओं में सर्वाधिक रैंक प्राप्त पांचवें स्थान पर रहीं. ‘पंजाब के शेर’ के नाम से मशहूर रणजीत सिंह आर्थिक एवं राजनीतिक अस्थिरता के बाद सत्ता में आए थे. 19वीं सदी के शुरुआती दशक में उन्होंने सिख खालसा सेना का आधुनिकीकरण किया था. Also Read - भाजपा की विचारधारा पर बोले राजनाथ सिंह, कहा- मुसलमान हमारे जिगर का टुकड़ा है