नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां की अदालत में न्यायधीश ने एक आरोपी शख्स को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया और 10 साल की सजा सुनाई. सजा सुनते ही आरोपी ने आत्महत्या का प्रयास किया और खुद का गला काट लिया. इसमें अहम बात यह रही कि यह सब अदालत के अंदर और न्यायधीश के सामने हुआ. इस घटना के बाद घायल को आनन-फानन में पुलिस ने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों का कहना है कि अभी युवक की हालत नाजुक बनी हुई है.

पूरा मामला छतरपुर स्थित एक अदालत के भीतर का है. दोषी युवक मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना का रहने वाला है. ओंकार मेहरा नाम का 32 वर्षीय यह शख्स बीना स्थित एक तेल रिफाइनरी में काम करता था. इसी बीच तीन साल पहले इसकी दोस्ती सोशल मीडिया पर छतरपुर के सिविल लाइन्स की रहने वाली एक छात्रा से हुई. साल 2016 में इसी लड़की ने ओंकार मेहरा के खिलाफ बलात्कार का मामला सिविल लाइन्स पुलिस थाने में दर्ज करवाया था. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेहरा को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया.

इस मामले की सुनवाई छतरपुर अदालत में चल रही थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नोरिन निगम ने अदालत में जैसे ही मेहरा को बलात्कार का दोषी मानते हुए मंगलवार को 10 साल की सजा सुनाई उसके तुरंत बाद मेहरा ने सबके सामने अपनी पैंट की जेब से चाकू निकालकर खुद पर तीन बार वार किया. अदालत परिसर के अंदर जज के सामने ही अपना गला काट लिया. इसके बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. एडिशनल एसपी छतरपुर ने बताया कि चूंकि आरोपी जमानत पर बाहर था और सीधे कोर्ट रूम में आया था, इसलिए वह अपने साथ चाकू लाने में सफल रहा.