नई दिल्ली: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 2018 में देश में हर चौथी दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग थीं, जबकि 50 फीसद से ज्यादा पीड़िताओं की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी. आंकड़ों के मुताबिक लगभग 94 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित- परिवार के सदस्य, दोस्त, सह जीवन साथी, कर्मचारी या अन्य थे.

आंकड़ों में कहा गया कि 2018 में दुष्कर्म के 33,356 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 33,977 पीड़िताएं थीं और औसतन 89 दुष्कर्म रोजाना. 2017 में दुष्कर्म के 32,559 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2016 के लिए यह आंकड़ा 38,947 था.

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक कुल मिलाकर, 72.2 प्रतिशत दुष्कर्म पीड़िताएं 18 साल से ज्यादा उम्र की थीं, जबकि 27.8 प्रतिशत की उम्र 18 साल से कम थी.

एनसीआरबी के मुताबिक, 2018 में 51.9 फीसदी दुष्कर्म पीड़िताएं (17,636) 18 से 30 आयुवर्ग की थीं, 18 प्रतिशत (6,108) की उम्र 30 से ज्यादा और 45 वर्ष से कम थी, 2.1 फीसद (727) की उम्र 45 से ज्यादा और 60 वर्ष से कम थी जबकि 0.2 प्रतिशत (73) की उम्र 60 साल से ज्यादा थी.

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 14.1 प्रतिशत दुष्कर्म पीड़िताएं (4,779) 16 से 18 आयुवर्ग के बीच की थीं. इसके बाद 10.6  प्रतिशत (3,616) 12 से 16 आयुवर्ग की थीं. 6 से 12 साल के बीच की रेप पीड़ित महिलाएं 2.2 प्रतिशत (757) की उम्र थी, जबकि 0.8 प्रतिशत (281) की उम्र छह साल से कम थी.

राज्‍यवार रेप: राज्यों की बात करें तो 2018 में यह रही रेप क्राइम की स्थिति
1 – मध्य प्रदेश: सबसे ज्यादा 5,433 मामले दर्ज हुए
2. राजस्थान: 4,335
3. उत्तर प्रदेश: 3,946
4. महाराष्ट्र: 2,142
5. छत्तीसगढ़ : 2,091
6. केरल: 1,945
7. असम: 1,648
8. दिल्ली: 1,215
9. हरियाणा:1,296
10. झारखंड : 1,090
11. पश्चिम बंगाल: 1,069

एनसीआरबी के आंकड़े यह भी बता रहे 
– रेप के 100 मामलों में से 94 मामलों में आरोपी पीड़िता के परिचित होते हैं
– दुष्कर्म के कुल 33,356 मामलों में से 15,972 मामलों में इन्हें अंजाम देने वाला या तो पारिवारिक मित्र या पड़ोसी, कर्मचारी या अन्य जानकार व्यक्ति था
– 12,568 मामलों में इन वारदात को अंजाम देने वाले दोस्त, ऑनलाइन दोस्त या लिव-इन पार्टनर या अलग हो चुका पति होता है.
– आंकड़ों के मुताबिक 2780 मामलों में पीड़िता से दुष्कर्म को अंजाम देने वाला उसके ही अपने परिवार का सदस्य था
– सिर्फ 2036 मामलों में ही इन घटनाओं को अंजाम देने वाला अनजान था.