चंडीगढ: हरियाणा में 2018 के मुकाबले इस साल पराली जलाने की घटनाओं में 31.07 प्रतिशत की कमी देखी गई . अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बैठक के दौरान हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि पराली जलाने की पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उपायुक्तों को उन स्थानों पर करीबी नजर रखनी चाहिए जहां पहले पराली जलाई गई.

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन गांवों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाए जहां पराली जलाने के मामले सामने आते हैं. अरोड़ा ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उपग्रह से मिली तस्वीरों का इस्तेमाल भी करना चाहिए. इसके अलावा घटनास्थल पर आसपास के इलाके की जांच करके सीधा सत्यापन करना चाहिए.

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