नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये त्वरित परीक्षण किट का भारत में ही अगले महीने के अंत तक निर्माण शुरु हो सकेगा और इसके साथ ही देश में कोविड-19 के संक्रमण की परीक्षण क्षमता एक लाख प्रतिदिन तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी प्राप्ति हो सकेगी. Also Read - COVID-19: हांगकांग ने भारत से आने वाली फ्लाइट्स कल से 3 मई तक के लिए स्थगित कीं

डॉ हर्षवर्धन ने मंगलवार को जैव प्रौद्योगिकी विभाग और इससे संबंधित शोध संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान में तकनीकी संसाधनों को विकसित करने के लिये चलाये जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी. Also Read - Coronavirus Spike: देश में आज फिर कोरोना का रिकॉर्ड, 2.61 लाख नए केस आए, 24 घंटे में 1501 मौतें हुईं

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार डॉ हर्षवर्धन ने इस दिशा में वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि देश में आगामी मई के अंत तक स्वदेशी तकनीक पर आधारित त्वरित परीक्षण एंटीबॉडी किट और आरटीपीएस किट का निर्माण शुरु हो जायेगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मई के अंत तक कोरोना वायरस संक्रमण के प्रतिदिन एक लाख परीक्षण करने के लक्ष्य को प्राप्त करना संभव हो जायेगा. Also Read - भारत में विकराल रूप ले रहा कोरोना, आज रात मंत्रियों और अफसरों के साथ अहम बैठक करेंगे पीएम मोदी

इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों से कोरोना वायरस का टीका, नई दवा और इलाज की पद्धति एवं अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण विकसित करने के लिए तेजी से काम करने का आग्रह किया.

उन्होंने बताया कि टीका विकसित करने संबंधी लगभग आधा दर्जन परीक्षण के प्रयास चल रहे हैं और इनमें से चार उन्नत चरण में हैं. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस दिशा में 150 से अधिक स्टार्टअप सॉल्यूशन को सहायता दी जा रही है.

बैठक में विभाग की सचिव डॉ रेणु स्वरूप ने कोरोना वायरस संक्रमण के चिकित्सकीय समाधान खोजने की दिशा में जारी प्रयासों की जानकारी दी.