नई दिल्ली: मनी लॉन्‍डरिंग के एक मामले में गिरफ्तार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुलासा किया है कि बैंक घोटाले की राशि लगभग 1,492 करोड़ रुपए है. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने हालांकि अपनी शिकायत में सिर्फ 3,54 करोड़ रुपए के घोटाले का उल्लेख किया है.

जांच से जुड़े ईडी के एक सूत्र ने कहा, “जांच में खुलासा हुआ है कि मोजर बियर ने राजीव सक्सेना की कंपनी पैसिफिक एफजेडई से ब्ल्यू रे डिस्क्स खरीदी थीं. पैसिफिक एफजेडई ने ये डिस्क्स जर्मनी की कंपनी सिंगूलस टैक्नोलॉजीज से खरीदी थीं.”

ईडी के सूत्र ने कहा कि खरीदी गई डिस्क्स की कुल कीमत लगभग 33 लाख डॉलर थी और इसकी प्रति इकाई कीमत दोगुनी थी. उन्होंने कहा कि जांच में खुलासा हुआ है कि रतुल ओवर-इनवोइसिंग के माध्यम से बैंक से गलत तरीके से निकाले गए रुपयों का मालिक था.

ईडी के सूत्र ने कहा कि सक्सेना ने वेस्ट एशिया ट्रेडिंग एंड एनरटेक लिमिटेड से ली गई मिडास मेटल्स इंटरनेशनल एलएलसी से मोजर बियर ग्रुप को सौर ऊर्जा पैनल की आपूर्ति करने का व्यापार शुरू किया था. उन्होंने बताया, “कथित कंपनियां रतुल की थीं और इनका उपयोग लाभ कमाने और रुपए निकालने के लिए होता था.”

उन्होंने कहा, “इसके अंतर्गत किए गए व्यापार की कुल कीमत लगभग 1,492.36 करोड़ रुपए थी.” ईडी के सूत्र के अनुसार, पुरी 2012 तक मोजर बियर के कार्यकारी निदेशक थे, लेकिन बाद में भी वे कंपनी के निर्णायक मंडल में बने रहे और कंपनी के दैनिक संचालन में प्रमुख अधिकारी बने रहे.

सूत्र ने बताया कि पुरी को हिरासत में लिए जाने के दौरान अपराध का पता लगाने के लिए जांच के दौरान कई लोगों को समन भेजा गया और उनके बयान दर्ज किए गए.

उन्होंने कहा कि सोमवार को अदालत में कंपनी के विशेष अधिवक्ता विकास गर्ग और डीपी सिंह ने बताया कि रतुल के वकील विजय अग्रवाल कैसे जांच को खतरे में डालने और देर करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं.