नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत कोरोनो वायरस प्रभावित हुबेई प्रांत से पाकिस्तानी छात्रों को बाहर निकालने पर विचार कर सकता है. मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने अब तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है. कोरोना वायरस प्रभावित वुहान शहर में फंसे सैकड़ों पाकिस्तानी छात्रों ने चीन के बुरी तरह से प्रभावित हुबेई प्रांत से उन्हें निकालने के लिए इमरान खान सरकार से कई बार गुहार लगाई है.

 

पाकिस्तानी छात्रों द्वारा लगाई गई गुहारों के संबंध में और यह पूछे जाने पर कि क्या भारत उन्हें निकालने में मदद कर सकता है तो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान सरकार से हमें इस तरह का कोई अनुरोध नहीं मिला है. लेकिन यदि इस तरह की कोई स्थिति उत्पन्न होती है तो उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए, हम इस पर गौर कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अनुरोध पर विचार करने के लिए पूर्व शर्तें क्या होंगी. भारत ने वुहान से शनिवार और रविवार को मालदीव के सात नागरिकों समेत 654 लोगों को निकाला है.

भारतीय छात्रों को निकाले जाने पर पाकिस्तानी छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी सरकार को भी ऐसा करने के लिए कहा है. इन वीडियो में से एक में एक पाकिस्तानी छात्र भारतीय छात्रों को हवाई अड्डा जाने के लिए बस में सवार होता देख रहा है और उसने कहा कि भारत अपने नागरिकों को निकाल रहा है और पाकिस्तान सरकार कहती हैं कि आप जियो या मरो हम उन्हें स्वदेश नहीं ले जायेंगे या सुविधा नहीं देंगे. एक वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि आप पर शर्म आती है पाकिस्तान सरकार. भारत से सीखें कि वह अपने लोगों का ध्यान कैसे रखता है. पाकिस्तान के चीन में 28 हजार से अधिक छात्र हैं जिनमें से 500 छात्र वुहान में है.