नई दिल्लीः सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आईटी कंपनियों में लागू ‘वर्क फ्रॉम होम’ के लिए कनेक्टिविटी मानदंड को कोरोना वायरस के बीच 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. ट्वीट करते हुए उन्होंने साफ किया कि यह घर से काम करने का विस्तार नहीं है. Also Read - मुश्किल वक्त में प्रवासी मजदूरों के साथ हर समय खड़ी है समाजवादी पार्टी, हर संभव करेंगे मदद : अखिलेश यादव

ओपन सेटलमेंट प्रोटोकॉल के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा के लिए आईटी उद्योग के अनुरोध के जवाब में डीओटी ने वीपीएन के लिए 30.4.20 तक नियम और शर्तों में ढील दी थी. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि घर से काम करने की सुविधा के लिए कनेक्टिविटी के नियमों में कुछ छूट दी गई है. पहले ये छूट 30 अप्रैल को खत्म होने वाली थी, लेकिन अब इसे 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. Also Read - नहाने के बाद भी नहींं फील होता है रिफ्रेशिंग तो अपनाए ये तरीके, थकान हो जाएगी दूर

बता दें हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि आईटी, बीपीओ कंपनियों को 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देना होगा. दरअसल, हाल ही में गुरुग्राम जिला प्रशासन ने एक एडवायजरी जारी की थी, जिसमें एमएनसी, बीपीओ, आईटी कंपनियों और कॉर्पोरेट को अपने एंप्लॉइज को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने के लिए कहा गया था. गुरुग्राम में इंफोसिस, जेनपैक्स, गूगल और माइक्रोसॉफ्स के अलावा और भी बड़ी कंपनियां हैं.

दरअसल, कोरोना वायरस के कहर के बाद इसे कंट्रोल करने की दिशा में काम करते हुए सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए देश की विभिन्न कंपनियों से अपने एंप्लॉइज को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की थी, जिसके बाद से कई आईटी से लेकर बीपीओ सेक्टर तक के कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम पर हैं. ऐसे में अब जब देश में अभी तक कोरोना को कंट्रोल नहीं किया जा सका है, तो लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि वर्क फ्रॉम होम की अवधि बढ़ाई जा सकती है.