नई दिल्ली। इधर कार्ति चिदंबरम जेल में है, उधर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उनके पिता पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर पुरजोर हमला बोल दिया है. प्रसाद ने यूपीए शासन के दौरान 2013 में शुरू की गई 80-20 गोल्ड स्कीम के बहाने चिदंबरम को निशाने पर लिया. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रविशंकर ने कहा कि मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स को भी इस गोल्ड स्कीम के बहाने फायदा पहुंचाया गया.

चिदंबरम के लिए मुश्किल दिनों के संकेत

प्रसाद ने कहा कि जिन सात कंपनियों को गोल्ड के आयात की इजाजत दी गई उनमें मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स भी थी. उन्होंने कहा कि 16 मई 2014 को आम चुनाव की मतगणना के दिन ही इस योजना के नवीनीकरण को हरी झंडी दी गई थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में ही भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हुई थीं. गोल्ड स्कीम मामले में सीएजी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इससे सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. रविशंकर का बयान संकेत है कि आने वाले वक्त में चिदंबरम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

यूपीए को ऐसे घेरा

रविशंकर प्रसाद ने आज भ्रष्टाचार, बैंकों घोटालों और गोल्ड स्कीम को लेकर पी चिदंबरम, कांग्रेस और यूपीए सरकार को घेरा. रविशंकर प्रसाद ने इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी तीखे सवाल भी पूछे. खासकर गोल्ड स्कीम को लेकर रविशंकर प्रसाद ने उनपर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दबाव और लालच में यूपीए सरकार ने बैंकिंग सिस्टम को तोड़कर रख दिया. यूपीए सरकार ने देश के अर्थतंत्र को तार तार करके रख दिया. उन्होंने कहा कि यूपीए ने 6 साल में 52.15 लाख करोड़ रुपये दिए हमारी सरकार में दिया एक भी लोन एनपीए में नहीं है.

क्या थी 80:20 गोल्ड स्कीम? मोदी सरकार को बहुमत के दिन चिदंबरम ने की थी योजना रिन्यू

उन्होंने गोल्ड स्कीम को लेकर यूपीए सरकार और पी चिदंबरम को निशाने पर लिया. रविशंकर प्रसाद ने कहा, 16 मई 2014 को यूपीए के वित्त मंत्री ने 7 कंपनियों को गोल्ड स्कीम में एंट्री दी. 80-20 के तहत 7 कंपनियों को फायदा क्यों दिया गया. जिस दिन कांग्रेस हार रही थी उस दिन सात कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया. कांग्रेस ये बताए. 80-20 स्कीम 2013 में लाकर 2014 में खत्म की गई. जिन 7 कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया उसमें गीतांजलि भी शामिल है. चिदंबरम बताएं कि ऐसा क्यों किया गया, किसका आशीर्वाद था?

फरार हैं मेहुल चोकसी-नीरव मोदी

बता दें कि गीतांजलि जेम्स मेहुल चोकसी की कंपनी है. 11400 करोड़ का पीएनबी घोटाला अंजाम देकर मेहुल अपने भांजे नीरव मोदी के साथ देश से फरार है. सीबीआई उसकी तलाश में जुटी हुई है और ईडी लगातार इन दोनों के ठिकानों पर छापेमारी कर जब्ती की कार्रवाई कर रही है. अब तक करीब 6 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है. नीरव मोदी ने सीबीआई से साफ कह दिया है कि वह पूछताछ के लिए नहीं आ सकता, वहीं मेहुल चोकसी का अब तक कोई अता पता नहीं है.