नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने 17वीं लोकसभा में अपने पहले विधेयक के रूप में शुक्रवार को ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019’ पेश किया. विपक्ष के विरोध के बीच यह विधेयक 74 के मुकाबले 186 मतों के समर्थन से पेश किया गया. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि विधेयक पिछली लोकसभा में पारित हो चुका है लेकिन सोलहवीं लोकसभा लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने के कारण और राज्यसभा में लंबित रहने के कारण यह निष्प्रभावी हो गया और सरकार इसे दोबारा इस सदन में लेकर आई है.

उन्होंने विधेयक को लेकर विपक्ष के कुछ सदस्यों की आपत्ति को सिरे से दरकिनार करते हुए संविधान के मूलभूत अधिकारों का हवाला दिया जिसमें महिलाओं और बच्चों के साथ किसी भी तरह से भेदभाव का निषेध किया गया है. इससे पहले कांग्रेस की तरफ से सांसद शशि थरूर और एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध किया.