नई दिल्ली: बीजेपी ने दिल्ली में संत रविदास मंदिर के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर लोगों को बांटने एवं विद्वेष की राजनीति करने का बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक और सामाजिक द्वेष को बढ़ाने वाले इन दलों के बयानों की निंदा करती है. भाजपा ने कहा कि संत रविदास की परंपरा देश में सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने वाली परंपरा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संत रविदास के सामाजिक विकास के विचार को आगे बढ़ाते हुए काम कर रही है.

आप और कांग्रेस लोगों को बांटने की राजनीति न करें
भाजपा महासचिव भूपेन्द्र यादव एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम ने पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, आप और कांग्रेस लोगों को बांटने की राजनीति न करें, हम यह अपेक्षा करते हैं. उन्होंने कहा कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तुगलकाबाद के पास संत रविदास को मानने वाले संत समाज से जुड़े स्थल को जिस तरह से खाली कराया गया, इसको लेकर पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित देश के कई क्षेत्रों के लोगों में दुख की भावना थी.

केंद्र सरकार ने मंदिर के लिए दोगुनी जमीन दी
भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस भावना को समझा और जिस स्थान पर मंदिर था, उससे दो गुणा अधिक भूमि तथा संत रविदास की स्मृति में पोखर का पुन: निर्माण एवं उसका संरक्षण करने की बात कही.

दु:खद पहलू कांग्रेस- आप ने राजनीतिकरण की कोशिश की
बीजेपी महासचिव ने कहा, सबसे दु:खद पहलू यह है कि कांग्रेस और आप पार्टी ने मुद्दे राजनीतिकरण का प्रयास किया. आप पार्टी द्वारा आंदोलन को हर स्तर पर भड़काने का प्रयास किया गया. हम इस प्रकार के राजनीतिक और सामाजिक द्वेष को बढ़ाने वाले प्रयासों की निंदा करते हैं.

सरकार ऐसी ओछी राजनीति नहीं कर सकती
आप पर तीखा प्रहार करते हुए यादव ने कहा कि दिल्ली भारत की विविधता के सांस्कृतिक प्रवाह को पेश करने वाला स्थान और करोड़ों लोगों के जीवन एवं मन को प्रतिनिधित्व देने वाली जगह है. ऐसे में कोई भी सरकार इस प्रकार की ओछी राजनीति नहीं कर सकती. बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले दिल्ली के अस्पतालों में इलाज कराने बिहार से आने वाले लोगों के बारे में एक बयान दिया था. समझा जाता है कि यादव का इशारा इसी संदर्भ में था.

करोड़ों गरीबों के जीवन में बदलाव का काम किया
यादव ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक समरसता के लिए, जातिवादी भेदभाव के खिलाफ, समतामूलक समाज के लिए, समाज के सभी वर्गों के आत्म कल्याण के लिए और देश के करोड़ों गरीब और विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को स्वीकारा
कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसमें दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास के मंदिर के निर्माण के लिये जमीन देने की बात कही गई थी. केंद्र ने यह भी कहा था कि वह संत रविदास के मंदिर के निर्माण के लिए दी जाने वाली प्रस्तावित जमीन के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए तैयार है. इस स्थान पर एक मंदिर को अदालत के आदेश पर ध्वस्त किया गया था .