मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के इस्तीफे की खबरों को गलत तथा अफवाह बताया. रिजर्व बैंक के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस तरह की खबरें की आचार्य ने भी इस्तीफा दे दिया है आधारहीन और गलत हैं.’’ गवर्नर पद से उर्जित पटेल के इस्तीफे के तुरंत बाद इस तरह की चर्चा चलने लगी कि विरल आचार्य भी पद छोड़ रहे हैं. बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. Also Read - Coronavirus: EMI भुगतान के SMS से कर्जदारों में तीन महीने की मोहलत को लेकर भ्रम

आचार्य ने 26 अक्टूबर को अपने भाषण में रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को कायम रखने पर जोर दिया था. आचार्य रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति विभाग के प्रमुख हैं. उन्होंने अपने 90 मिनट के भाषण में कहा था कि यदि केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता से समझौता किया जाता है तो बाजार की स्थिति खराब हो जाएगी. आचार्य ने कहा था कि स्पष्टया उन्हें इस भाषण के लिए गवर्नर पटेल का समर्थन है. आचार्य के इस भाषण के बाद केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच चल रहा गतिरोध और बढ़ गया था. बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा रिजर्व बैंक पर अधिक कर्ज देने संबंधी दबाव को लेकर पटेल और सरकार के बीच गतिरोध था. ऐसे में पटेल द्वारा सोमवार को इस्तीफा देने की खबर को इसी गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है. विपक्षी दल भी मामले को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. Also Read - कोरोना का कहर, सरकार और RBI के प्रोत्साहन के बावजूद झेलनी पड़ी आर्थिक गिरावट

इस्तीफे के बाद पीएम मोदी ने की पटेल की तारीफ
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफा देने वाले उर्जित पटेल को बेदाग निष्ठा वाला पेशेवर अर्थशास्त्री बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने बैंकिंग प्रणाली को अफरातफरी से निकालकर व्यवस्थित एवं अनुशासित बनाने का काम किया. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘डॉ. उर्जित पटेल एक पेशेवर व्यक्ति हैं, जिनकी निष्ठा बेदाग है. उन्होंने रिजर्व बैंक आफ इंडिया में डिप्टी गवर्नर और गवर्नर के दायित्व में करीब छह वर्षों तक काम किया. वह अपने पीछे महान विरासत छोड़ गए है. हमें उनकी कमी महसूस होगी.’’