आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल नोटबंदी के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सामने पेश हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक पटेल ने कमेटी के फाइनेंशियल पैनल से 9.2 लाख करोड़ के नए नोट मार्केट में उतारे जाने की बात कही परंतु बैंकों में कितनी नई करंसी जमा की गई, इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए उर्जित पटेल।Also Read - UP News: चुनाव से पहले पीएम मोदी ने यूपी को दी कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात, जानिए क्यों है खास

वित्त मामले की स्थाई समिति के सदस्य टीएमसी के सुगत रॉय ने कहा कि RBIगवर्नर हमें यह बताने में असफल रहे कि नोटबंदी के बाद बैंकों के पास कितने पैसे आए। रॉय के मुताबिक उर्जित पटेल के पास इस बात का भी जवाब नहीं था कि हालात कब तक सामान्य होंगे। बता दें कि आरबीआई गवर्नर 20 जनवरी को इसी मुद्दे पर संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के सामने भी पेश हो सकते हैं। Also Read - कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन आज, UP के 9वें हवाई अड्डा से जुड़ी अहम बातें

ये भी पढ़ें:नोटबंदीः RBI गर्वनर से संतुष्ट नहीं होने पर जाँच के लिए पीएम मोदी को भी बुला सकती है PAC Also Read - Kerala Rains & Landslide Update: बाढ़ और भूस्‍खलन से मौतों का आंकड़ा 21 हुआ, PM मोदी ने दुख जताया

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास, बैंकिंग सचिव अंजुल छिब दुग्गल और राजस्व सचिव हसमुख अधिया समेत शीर्ष अधिकारी और आईसीआईसीआई बैंक की चीफ चंदा कोचर और पंजाब नेशनल बैंक की चीफ उषा अनंत सुब्रमण्यम जैसे बड़े पदाधिकारी भी पेश हो सकते हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह समिति के एक मेंबर हैं।

PAC ने पूछे थे उर्जित से यह सवाल
नोटबंदी के निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?
2. नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है?
3. क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है?
4. अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है?
5. क्या नोटबंदी से कालेधन की समस्या का समाधान हुआ?
6. नोटबंदी से अर्थव्यवस्था और गरीब पर क्या असर पड़ा?