चेन्नई: अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल के सोमवार को इस्तीफा देने को एक ‘खतरनाक चलन’ करार दिया है. हालांकि, पहले संघ ने भी पटेल के इस्तीफे की मांग की थी. एआईबीईए के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा, ‘आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा हैरान और परेशान करने वाला है. उनके इस्तीफे के कारण स्पष्ट हैं और यह एक खतरनाक चलन का संकेत हैं कि आरबीआई जैसे संस्थान अब स्वतंत्र नहीं हैं.’

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डराया धमकाया जा रहा !
वेंकटचलम ने कहा कि ऐसे वक्त में जब एक मजबूत और स्वतंत्र आरबीआई की जरूरत है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण संस्थान को केंद्र सरकार द्वारा डराया धमकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार आरबीआई को कमजोर करने में लगी है और इसे खुद की राजनीतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लचीला बना रही है. एआईबीईए की पहले पटेल के इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर वेंकटचलम ने आईएएनएस से कहा, “हम नीरव मोदी के मुद्दे पर निष्क्रियता को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. यह अलग मुद्दा है. यह आरबीआई को कमजोर करने का प्रयास है.”

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बता दें कि उर्जित पटेल ने केंद्रीय बोर्ड की की दो लंबी चली बैठकों के बाद चार दिन बाद होने वाली तीसरी बैठक का इंतजार करने से पहले ही सोमवार को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया. कार्यकाल समाप्त होने के आठ महीने पहले उनका इस्तीफ़ा बोर्ड के सदस्यों सहित तमाम लोगों के लिए हतप्रभ करने वाला रहा. हालांकि पटेल का कहना कि वह निजी कारणों से इस्तीफ़ा दे रहे हैं. (इनपुट एजेंसी)

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