नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिजर्व बैंक की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक ने कोरोना वायरस के संक्रमण से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ”इन घोषणाओं से बाजार में तरलता की स्थिति बेहतर होगी, कर्ज की ब्याज दरें कम होंगी तथा मध्यम वर्ग और कारोबारियों को मदद मिलेगी.” Also Read - Covid-19 संकट पर पूर्व पीएम Manmohan singh ने लिखा प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र, दिए 5 अहम सुझाव

बता दें कि रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए शुक्रवार को रेपो दर को 0.75 प्रतिशत घटाकर 4.4 प्रतिशत करने की अप्रत्याशित घोषणा की. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो दर, नकदी आरक्षित अनुपात मे कटौती समेत कई अन्य नीतिगत उपाय भी किए. Also Read - दिल्ली में कोरोना के मामले 25 हजार के पार, 161 और मरीजों की मौत; 29.74 प्रतिशत हुई संक्रमण की दर

आरबीआई ने किए कर्ज सस्ता करने के बड़े उपाय, किस्त वसूली में मोहलत
कोरोना वायरस से उत्पन्न आपदा के बीच रिजर्व बैंक ने भी मोर्चो संभाला है. केन्द्रीय बैंक ने शुक्रवार को अर्थव्यवस्था में नकदी की तंगी दूर करने और कर्ज सस्ता करने के लिए अपने फैरी नकदी कर्ज पर ब्याज की दर रेपो और बैंकों आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) में बड़ी कटौती जैसे कई उपायों की घोषणा की.

आरबीआई तीन माह तक ईएमआई जमा करने की चिंता दूर की
केंद्रीय बैंक ने देश व्यापी बंदी के चलते कर्ज की किस्त चुकाने में दिक्कतों को देखते हुए बैंकों को सावधिक कर्ज की वसूली में तीन माह टालने की सहूलियत दी है. इसके साथ कार्यशील पूंजी पर ब्याज भुगतान पर भी तीन माह के लिए रोक लगाने की अनुमति दी गई है.

आरबीआई ने कहा- देश की बैंक व्यवस्था मजबूत
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उसके सीआरआर में कटौती और नकद धन का प्रवाह बढ़ाने के कुछ अन्य उपायों से बैंकिंग जगत में 3.74 लाख करोड़ रुपए की नकदी उपलब्ध होगी. रिजर्व बैंक ने लोगों को आश्वास्त किया है कि देश की बैंक व्यवस्था मजबूत है, उनका निजी बैंकों में जमा धन पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को घबराकर पैसा निकालना नहीं चाहिए.

आरबीआई ने गरीबों को 170 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया
एक दिन पहले ही वित्त मंत्रालय ने गरीबों, वंचितों, छोटे उद्योगों और बुजुर्गों तथा महिलाओं के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की, जिसमें अगले तीन महीने तक गरीबों को राशन में पांच किलो गेहूं या चावल और एक किलो कोई भी दाल मुफ्त देने की घोषणा की गई. इसके अलावा जनधन खाता धारक महिलाओं को उनके खाते में तीन महीने में 1,500 रुपए नकद और जिन परिवारों को निशुल्क रसोई गैस दी गई उन्हें अगले तीन महीने एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने का वादा किया गया है.

रिजर्व बैंक ने रेपो दर घटाई 
रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 0.75 प्रतिशत घटाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया वहीं रिवर्स रेपो दर में 0.90 प्रतिश्त की कमी कर इसे 4 प्रतिशत पर ला दिया. रेपो दर वह दर होती है. जिस पर केंद्रीय बैंक अल्पावधि के लिए बैंकों को नकदी उपलब्ध कराता है, वहीं रिवर्स रेपो दर के जरिए वह बाजार से अतिरिक्त नकदी को सोखता है. रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन चली द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद इन उपायों की घोषणा की. यह बैठक 24, 26 और 27 मार्च को हुई. इससे पहले यह बैठक अप्रैल की शुरुआत में होनी थी.

सीआरआर को एक प्रतिशत घटाकर तीन प्रतिशत
मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में कटौती के पक्ष में, जबकि दो ने विरोध मे मतदान किया. बैंकों के पास अधिक नकदी उपलब्ध हो इसके लिए उनके नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को एक प्रतिशत घटाकर तीन प्रतिशत पर ला दिया गया.

3.74 लाख करोड़ रुपए के बराबर अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी
गवर्नर ने कहा कि सीआरआर में कटौती, रेपो दर आधारित नीलामी समेत अन्य कदम से बैंकों के पास कर्ज देने के लिए अतिरिक्त 3.74 लाख करोड़ रुपए के बराबर अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है. जरूरत पड़ने पर नकदी बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.

महामारी के आर्थिक प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो दर में कमी से कोरोना वायरस महामारी के आर्थिक प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम और मांग में कमी से मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति कम होगी. उन्होंने आगाह भी किया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर असर होगा और वैश्विक मंदी की आंशका बढ़ गई है.

गवर्नर शक्तिकांत दास की वित्त मंत्री ने प्रशंसा की
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा वित्तीय स्थिरता बनाये रखने के भरोसे की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक गवर्नर के वित्तीय स्थिरता के लिये पुन: आश्वासन देने वाले शब्दों की वह सराहना करती है. सीतारमण ने वाणिज्यिक बैंकों से अपील की है कि वे रिजर्व बैंक की दरों में कमी का फायदा ग्राहकों तक शीघ्रता से पहुंचाएं.