नई दिल्ली: कर्नाटक में जारी सियासी संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. हमारा सीएम कौन? इस बात को लेकर कांग्रेस और जेडीएस के नेता आमने सामने हैं. मुख्यमंत्री एचडीकुमार स्वामी से जब पत्रकारों ने पूछा, आप कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक और मंत्री सिद्धारमैया को अपना सीएम बता रहे हैं. सीएम ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को इस मामले को देखना चाहिए. मैं इस मामले में बोलने के लिए उपयुक्त नहीं हूं. सीएम ने कहा कि अगर वे किसी तरह की बातें करते रहे तो मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं. कांग्रेस के नेताओं को इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और अपने नेताओं को कंट्रोल करना चाहिए. वे गठबंधन की सीमा रेखा को पार कर रहे हैं.

हालांकि सीएम की धमकी के बाद भी कांग्रेस के तेवर नरम नहीं हुए हैं. राज्‍य के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जी परमेश्‍वर ने कहा, ‘सिद्धारमैया सर्वश्रेष्‍ठ मुख्‍यमंत्री रहे हैं. वह कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं. विधायकों के लिए सिद्धारमैया सीएम हैं. उन्‍होंने अपनी राय रखी है, इसमें गलत क्‍या है? हम कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी से खुश हैं. दोनों पार्टियों में टकराव के बाद सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को रद्द कर दिया गया है.

क्या है विवाद
रविवार को एक कार्यक्रम में सिद्धारमैया के समर्थकों ने कहा कि वे सिद्धारमैया को अभी भी सीएम मानते हैं. इतना ही नहीं कर्नाटक गठबंधन सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा कि गठबंधन की सरकार को 7 महीने हो चुके हैं लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ. अगर सिद्धारमैया को पांच साल और मिले होते तो सही मायनों में विकास देखने को मिलता. इसके बाद सिद्धारमैया ने भी कहा कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल और मिले होते तो वे विकास कार्यों को पूरा कर लेते. सामाजिक कल्याण मंत्री सी पुत्तरंगा शेट्टी ने भी कहा कि सिद्धारमैया ही मेरे मुख्यमंत्री हैं.