नई दिल्ली: पंजाब में रिश्तों की गरिमा को दरकिनार कर सगे भाई-बहन ने फर्जी डाक्यूमेंट के सहारे शादी रचा ली वजह थी ऑस्ट्रेलिया में बसना था. इस खबर को सुनकर लोग दंग रह गए कि एक लड़की ने अपने सगे भाई से ही शादी कर ली क्योंकि उसे ऑस्ट्रेलिया में शिफ्ट होना था. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस प्रकरण में उनके घर वालों का भी इन्वॉलमेंट नजर आ रहा है. पुलिस के मुताबिक ये धोखाधड़ी का संगीन मामला है.

चले गए ऑस्ट्रेलिया
फर्जी दस्तावेज रिपोर्ट के मुताबिक इस कारनामे के बाद लड़की ने फर्जी पासपोर्ट बनवाया और ऑस्ट्रेलिया चली गई. लड़की को जानने वाली एक महिला ने इस कारनामे की शिकायत पुलिस में की जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ. आरंभिक जांच में ये बात सामने आई है कि इस साजिश में भाई-बहन के घरवाले भी शामिल थे. पुलिस के मुताबिक यहां के गांव की इस लड़की को विदेश में जाकर बसने की इच्छा थी लेकिन वीजा न मिल पाने की वजह से उसने घर वालों के साथ मिलकर ये साज़िश रची. स्थानीय थाने में तैनात इंस्पेक्टर जय सिंह ने कहा- ‘जांच के मुताबिक, हमें अभी तक ये पता चला है कि लड़की का भाई ऑस्ट्रेलिया का स्थायी निवासी है और उसकी बहन ने वहां बसने के लिए पहले फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाए और फिर गुरुद्वारे से मैरेज सर्टिफिकेट बनवाया जिसके बाद रजिस्ट्रार ऑफिस से विवाह का पंजीयन करा लिया.

धोखाधड़ी का संगीन मामला
इंस्पेक्टर जय सिंह कहते हैं- इन लोगों ने सामाजिक व्यवस्था, कानूनी व्यवस्था और धार्मिक व्यवस्था के साथ धोखा किया जिससे कि वो विदेश में रह सकें. उन्होंने बताया कि इस मामले में रेड डाली जा रही है लेकिन अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है. जबकि फर्जी डॉक्यूमेंट्स के सहारे लड़की अपने भाई के साथ आस्ट्रेलिया जा चुकी. जहां उसका भाई जॉब करता है. पुलिस के मुताबिक ये धोखाधड़ी का संगीन मामला है. जिसमें पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इंस्पेक्टर जय सिंह कहते हैं- विदेश जाने के लिए लोग कई तरह की पैंतरेबाजी और धोखाधड़ी करते हैं. लेकिन सगे भाई-बहन आपस में शादी करके विदेश भाग जाएं ऐसा मामला पहली बार सुना गया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

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टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई गृह विभाग के मुताबिक विवाहित जोड़े के सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच करने के बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापित किया गया था लेकिन असली पासपोर्ट के साथ नकली दस्तावेजों को पकड़ने में वो सक्षम नहीं रहे क्योंकि वो उनकी जांच के दायरे में नहीं आता है. उन्होंने बताया कि पिछले 4 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया जाने वाले 1500 से अधिक विदेशियों के वीजा को अस्वीकार कर दिया गया है क्योंकि उनमें से ज्यादातर ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिस्टम को धोखा देने का प्रयास किया. हेराल्ड सन की सूचना के मुताबिक  2017-2018 में अस्वीकार किए गए वीजा आवेदनों की संख्या 668 थी. फिलहाल इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस की छानबीन जारी है.