नई दिल्ली: देश में बढ़ रही रेप की घटनाओं पर बीजेपी के नेताओं की बयानबाजी जारी है. मध्‍यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसी घटनाओं के लिए पोर्न साइट्स जिम्‍मेदार हैं. उन्‍होंने पोर्न साइट्स को बैन करने की मांग की और कहा कि मध्य प्रदेश में पोर्न पर बैन के लिए राज्य सरकार केंद्र से अपील करेगी. गौरतलब है कि कठुआ और उन्नाव के बाद इंदौर में पांच महीने की बच्ची से रेप का मामला सामने आया था. मध्‍यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बच्‍चों पर ऐसी साइट्स का गलत असर पड़ता है, इसलिए देश में पोर्न साइट्स को बैन कर दिया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि रेप की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन कभी-कभी रोकी नहीं जा सकतीं. उनका कहना था कि सरकार हर जगह सक्रिय है, कार्रवाई कर रही है. इतने बड़े देश में एक-दो घटना हो जाए तो बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए.

इससे पहले बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने रेप के मुद्दे पर विवादित बयान दिया था. बच्चों के खिलाफ हिंसा पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, आजकल इसकी पब्लिसिटी ज्यादा हो रही है. हेमा ने कहा, आजकल इसकी पब्लिसिटी ज्यादा हो रही है. पहले भी शायद हो रहा होगा, मालूम नहीं. लेकिन इसके ऊपर जरूर ध्यान दिया जाएगा. ऐसे जो हादसे हो रहे हैं नहीं होने चाहिए, इससे देश का भी नाम खराब हो रहा है.

पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी
गौरतलब है कि बच्चियों से हो रही रेप की घटना पर मोदी सरकार ने सख्ती दिखाई है. कैबिनेट बैठक में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ पॉक्सो में संशोधन किया गया है. पॉक्सो में रेप पर फांसी की सजा का प्रावधान को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. 12 साल से कम की बच्चियों से रेप के दोषी को फांसी की सजा मिलेगी.

कैबिनेट ने 16 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषी को 20 साल की सजा को मंजूरी दी है. वहीं महिलाओं से रेप के दोषी की सजा 7 से बढ़ाकर 10 कर दी गई. नए ऐक्ट में रेप केस की जांच दो महीने में पूरी करनी होगी. सभी रेप केस में छह महीने में सजा सुनाना होगा.