नयी दिल्ली: मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस आलाकमान की तरफ से पर्यवेक्षक बनाकर भोपाल भेजे गए पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि सभी 22 बागी विधायक पार्टी के संपर्क में हैं और वो भाजपा में नहीं जाएंगे. रावत ने यह आरोप भी लगाया कि कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देखरेख में हो रहा है. Also Read - केंद्र सरकार पर कांग्रेस का आरोप, डर कर बदला दवा देने का फैसला, 1971 में इंदिरा गांधी ने दिया था करारा जवाब

उन्होंने दावा किया कि भाजपा धनशक्ति और प्रभोलन देकर संसदीय लोकतंत्र को समाप्त करना चाहती है. मध्य प्रदेश का घटनाक्रम सत्ता लोलुपता और धनशक्ति के दुरुपयोग का है. ये 22 विधायक सिंधिया जी के साथ थे, लेकिन सिंधिया भाजपा में चले गए हैं तो ये विधायक कांग्रेस में रहेंगे. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इन विधायकों को भ्रम में बेंगलुरू ले जाया गया. अब उनको बंधक बनाकर रखा गया है. विधायकों के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि ऐसे इस्तीफे का कोई मतलब नहीं है. यह भाजपा की ओर से रचा गया ड्रामा है. Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

संपर्क में हैं बागी विधायक
उन्होंने कहा कि विधायक से संपर्क हुआ है और वो संपर्क में बने हुए हैं. उन्हीं ने संकेत दिया है कि वो भाजपा के साथ नहीं है. रावत ने कहा कि कमलनाथ सरकार बहुमत साबित करेगी. सभी विधायक एकजुट हैं और सहयोगी दल भी साथ हैं. Also Read - दीया जलाने के दौरान बीजेपी महिला जिला अध्यक्ष ने की थी फायरिंग, FIR दर्ज, अब मांग रहीं माफी