JNU एक उच्चस्तरीय समिति ने देश विरोधी नारेबाजी वाले करिकर्म के विवादित भूमिका के लिए कन्हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आपको बता दें की कन्हैया को गिरफ्तार करने के बाद उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और दो अन्य छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। मगर अब कन्हैया को मिली रिहाई के बाद अब बाकि छात्रों को भी छोड़ने के लिए सिफारिश की जा रही है।

खबरों की माने तो समिति की पहल करने के कारण इस मुद्दे पर पूरी जांच करने के बाद कुलपति एम जगदीश कुमार और मुख्य प्रॉक्टर ए डिमरी द्वारा किया जाएगा। आपको बता दें की इस रिपोर्ट पर आज चर्चा हो सकती है। इस चर्चा में कुलपति की अध्यक्षता में JNU के बड़े अधिकारी कन्हैया और उमर सहित 21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस भेजें है । आपको बता दें की इस नोटिस को भेजने का कारण यह है की यह सभी छात्र JNU के नियम और अनुशासन के उल्लंघन के दोषी पाए गए। यह भी पढ़ें: कन्हैया कुमार ने जेएनयू में दिया भाषण, सरकार पर किया हमला (देखिये वीडियो)

हलाकि की यह सारा मामला एक कारिकर्म को लेकर हुआ था। यह सभी छात्र संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में एक करिकर्म आयोजित करने वाले थे। इसन करिकर्म को मंजूरी ना मिलने पर भी इसे किया गया। उस दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। इसके वजह से कन्हैया समेत कई छात्रों को पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया। इस वक़्त कन्हैया को कुछ दिनों के जमानत पर छोड़ा गया है। मगर आपको बता दें की JNU की यह समिति 5 छात्रों को JNU से निलंबित करने की शिफारिश कर रही है।

आपको बता दें की इस समिति का गठन 10 फ़रवरी को किया गया था। कन्हैया को तो तिहारद जेल से जमानत मिल गयी है। मगर बाकियो को अभी भी जेल से निकलने की कोई उम्मीद नज़र नहीं आरही है। आपको बता दें की JNU में 10 छात्रों को निलंबित इसी दौरान करने के लिए JNU की एक समिति सिफारिश कर रही है। इन छात्रों में कन्हैया समेत उमर खालिद और 8 छात्र शामिल है । आपको बता दें की कारण बताओ नोटिस के जवाब के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।