नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को बृहस्पतिवार को ‘ज्यादातर राजनीतिक’ करार दिया और कहा कि कोई भी भारतीय इस नए कानून के चलते अपनी नागरिकता नहीं गंवाएगा. शाह ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीएए में एक भी ऐसा प्रावधान दिखाने की चुनौती दी जिसके तहत किसी की भारतीय नागरिकता जा रही हो. Also Read - West Bengal Assembly Election Live Updates: बंगाल में छठे चरण का मतदान जारी, दोपहर 1.30 बजे तक 57.30% वोटिंग

उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि ज्यादातर राजनीतिक प्रदर्शन हैं. कुछ लोग गुमराह हैं लेकिन हम उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा कि CAA के तहत सरकार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना चाहती है. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट तौर पर कहना चाहता हूं कि CAA में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे किसी की नागरिकता जा सकती है. गृह मंत्री ने कहा कि CAA इन तीन देशों के शरणार्थियों को नागरिकता देता है. Also Read - Nationwide Lockdown: क्या कोरोना पर काबू पाने के लिए फिर लगेगा 'संपूर्ण लॉकडाउन'? अमित शाह ने दिया यह जवाब...

शाह ने कहा कि मैं पूरी दृढ़ता से कहता हूं कि ये शरणार्थी भाई, जो भारत आए हैं, हमारे हैं और उन्हें भारत में सम्मानित स्थान प्रदान करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है. गृह मंत्री ने कहा कि जनगणना 2021 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का राष्ट्रीय नागरिक पंजी से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि जनगणना और NPR देश में हर दस साल पर होते हैं और इस बार भी यह दस साल के बाद हो रहा है. कांग्रेस ने यह बार-बार किया और आज वह उसका विरोध कर रही है. वहीं बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि बिहार में हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. इसमें कोई भ्रम नहीं है. Also Read - बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का समाधान हो जाएगा: अमित शाह