कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने फैसला किया है कि कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के शवों को उनके परिवार के सदस्यों को देखने की अनुमति होगी. बनर्जी ने कहा कि फैसला मानवीय आधार पर लिया गया है. Also Read - पतंजलि आयुर्वेद से कोरोनिल के लिए हर दिन 10 लाख से ज्यादा पैकेट की हो रही मांग: बाबा रामदेव

बनर्जी ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा निर्देशों के अनुसार, कोविड-19 के (पॉजिटिव रिपोर्ट वाले) मरीजों और इसके संदिग्ध मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार के प्रोटोकॉल में कोई अंतर नहीं है. Also Read - Corona in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में और 205 लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव, इन जिलों का है सबसे बुरा हाल

उन्होंने कहा कि दिक्कत यह है कि अगर संदेह है कि मरीज की मौत कोविड-19 के कारण हुई है, तो जांच रिपोर्ट आने में 10 से 12 घंटे लगते हैं. परिवार के सदस्यों को तब तक इंतजार करना पड़ता है. Also Read - मिसाल: घर पर ही रहकर कैंसर रोगी ने कोरोना को दी मात, जानें कैसा था रूटीन, क्या खाया-पीया...

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उन्हें इंतजार नहीं करना होगा. हम उन्हें शव को देखने के लिये आंधे घंटे का वक्त देंगे, लेकिन यह कवर के अंदर होगा. अंतिम संस्कार आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के मुताबिक होगा.

आपको बता दें कि कोरोना का कहर इन दिनों देश में जमकर बरस रहा है. इससे पहले देश के किसी भी राज्य में कोरोना से पीड़ित आ फिर कोरोना के संदिग्ध मरीज मरीज की मौत होने पर रिश्तेदारों या फिर परिवार वालों को मिलने या फिर डेड बॉडी देखने की इजाजत नहीं थी.