Twitter India News: गाजियाबाद शहर में एक बुजुर्ग मुसलमान की कथित तौर पर पिटाई के मामले की जांच के संबंध में ‘ट्विटर इंडिया’ के प्रबंधक निदेशक मनीष माहेश्वरी को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने अंतरिम राहत दे दी है. कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को निर्देश दिया है कि वह ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी के खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाए. कर्नाटक हाईकोर्ट का कहना है कि अगर गाजियाबाद पुलिस ट्विटर एमडी की जांच करना चाहती है तो वह वर्चुअल मोड के जरिए ऐसा कर सकती है.Also Read - कर्नाटक में कल 29 मंत्रियों को आवंटित किए जाएंगे विभाग, कुछ मंत्री बड़े विभाग पाने की उम्मीद में

बता दें कि गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील एक वीडियो जारी होने के मामले में सोमवार को ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक को आगाह किया था कि अगर वह 24 जून को उसके समक्ष पेश नहीं हुए और जांच में शामिल नहीं हुए तो इसे जांच में बाधा के समान माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि अब कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है. Also Read - हिल स्टेशनों पर घूमने जा रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का संदेश, साझा किया शानदार वीडियो

ट्विटर के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी के वकील ने कर्नाटक उच्च न्यायालय को बताया कि वह (मनीष माहेश्वरी) संगठन के कर्मचारी हैं और उनका इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है. मनीष माहेश्वरी के वकील ने कर्नाटक उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उनका मुवक्किल बेंगलुरु में रह रहा है. वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज किया जा सकता है लेकिन गाजियाबाद पुलिस उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति चाहती है. Also Read - वीरेंद्र सहवाग ने शेयर किया वैकल्पिक नंबर, बोले- शॉवर में गिरकर खराब हो गया है फोन, फैन्‍स कंफ्यूज

ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी को गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने दूसरा नोटिस जारी करके आगाह किया था कि उनके पेश नहीं होने की सूरत में उनके खिलाफ जांच को बाधित करने के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा. हालांकि अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को निर्देश दिया है वह उनके खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाए.